सवाई माधोपुर में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार “साइबर सुरक्षा: जागरूकता, संरक्षण और न्याय तक समावेशी पहुंच” विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन के तहत ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे, नेविगेटिंग लाइफ लीगली अभियान के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए।
इन शिविरों का उद्देश्य छात्रों और स्कूल स्टाफ को साइबर अपराधों के प्रकार, उनसे बचाव और डिजिटल सुरक्षा के उपायों के बारे में जानकारी देना था। इस अभियान में कुल 2309 छात्र-छात्राओं ने लाभ प्राप्त किया।
जिला मुख्यालय सवाई माधोपुर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र दीक्षित, न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय राजेन्द्र शर्मा, विशेष न्यायाधीश पोक्सो मीनाक्षी जैन, और अन्य न्यायाधीशों ने विभिन्न स्कूलों में छात्रों को साइबर ठगी, डिजिटल फ्रॉड, फर्जी लोन एप, ऑनलाइन गेमिंग, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन सेक्सटॉर्शन, लॉटरी और लक्की ड्रॉ जैसी ठगी के तरीकों से सावधान रहने की जानकारी दी।
विद्यार्थियों को टू-स्टेप वैरिफिकेशन, संचार साथी एप, चक्षु एप, ई-स्कैन बोट एप, एम कवच टू एप, टैफकॉप और साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 जैसे सुरक्षा उपायों के बारे में भी बताया गया।
तालुका गंगापुर सिटी, बौंली और बामनवास के स्कूलों में भी न्यायाधीशों द्वारा विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर छात्रों को डिजिटल उपकरणों का सुरक्षित उपयोग करने की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
इस आयोजन से छात्रों और स्कूल स्टाफ में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी और उन्हें डिजिटल दुनिया में सावधानीपूर्वक व्यवहार करने के लिए प्रेरित किया गया।
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