संवारिया के नीलकंठ महादेव मंदिर में सांडीवाल परिवार करेगा कलश स्थापना
उपखंड क्षेत्र के ग्राम संवारिया स्थित प्राचीन एवं स्वयंभू श्री नीलकंठ महादेव मंदिर के पुनर्निर्माण एवं प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल है। वर्षों पुरानी आस्था और परंपरा से जुड़े इस मंदिर के पुनर्निर्माण कार्य के बाद आयोजित होने वाले प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में एक बार फिर इतिहास दोहराया जाएगा। मंदिर के प्रारंभिक निर्माण के समय जिस प्रकार स्वर्गीय मुकना जी सांडीवाल को कलश स्थापना का सौभाग्य प्राप्त हुआ था, उसी पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उनके पौत्र मुकेश सांडीवाल एवं रामकिशन सांडीवाल ने 6 लाख 51 हजार रुपये की सर्वोच्च बोली लगाकर कलश स्थापना का पुण्य कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त किया है।
जानकारी के अनुसार संवारिया गांव का स्वयंभू श्री नीलकंठ महादेव मंदिर क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर के पुनर्निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है तथा धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियां भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सांडीवाल परिवार द्वारा पूर्वजों की परंपरा का निर्वहन करते हुए दोबारा कलश स्थापना का दायित्व ग्रहण करना पूरे गांव के लिए गौरव की बात है। उनका मानना है कि यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि परिवार की आस्था, सामाजिक समर्पण और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण है, जो नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का कार्य करेगा।
मंदिर समिति से जुड़े लोगों ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों, पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-यज्ञ तथा भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव में आसपास के गांवों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद यह धार्मिक स्थल क्षेत्र में आस्था का और भी बड़ा केंद्र बनेगा तथा यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि वर्षों पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सांडीवाल परिवार द्वारा कलश स्थापना किया जाना आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण रहेगा।




