मंदिर प्रशासन ने सुरक्षित भंडार में जमा की चांदी की सिल्लियां
जब आस्था सच्ची हो, तो इंसान सिर्फ मांगता नहीं... बल्कि मन्नत पूरी होने पर अपनी श्रद्धा भी पूरे दिल से अर्पित करता है। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर से ऐसी ही एक भावुक करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक श्रद्धालु ने अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद भगवान के चरणों में लाखों रुपये की चांदी अर्पित कर दी।
मध्यप्रदेश के देवास जिले से आए एक श्रद्धालु ने अपने परिवार के साथ सांवलिया सेठ के दर्शन किए और मंदिर में 11 किलो 400 ग्राम वजन की चांदी की 19 सिल्लियां दान कीं। इन चांदी की सिल्लियों की मौजूदा बाजार कीमत करीब 25 लाख 65 हजार रुपये बताई जा रही है।
मन्नत पूरी होने पर भगवान को अर्पित की चांदी
बताया जा रहा है कि श्रद्धालु ने अपने बेटे से जुड़ी एक मनोकामना लेकर सांवलिया सेठ के दरबार में प्रार्थना की थी। जब उसकी इच्छा पूरी हुई, तो उसने भगवान का धन्यवाद करने के लिए यह विशेष भेंट अर्पित करने का फैसला किया।
खास बात यह रही कि श्रद्धालु ने इस दान को प्रचार से दूर रखा और अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने की इच्छा जताई। उसने गुमनाम रहकर भगवान के चरणों में यह चांदी समर्पित कर दी।
मंदिर प्रशासन ने सुरक्षित रखा दान
श्रद्धालु द्वारा दी गई चांदी की सिल्लियों को मंदिर प्रशासन ने सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद सुरक्षित भंडार में जमा कर दिया। मंदिर में आने वाले हर दान का रिकॉर्ड नियमों के अनुसार रखा जाता है।
मंदिर प्रशासन समय-समय पर दान और चढ़ावे की गणना करता है और सभी वस्तुओं को सुरक्षित तरीके से संरक्षित किया जाता है।
सांवलिया सेठ मंदिर में करोड़ों का चढ़ावा
सांवलिया सेठ मंदिर राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
हाल ही में मंदिर के भंडार की गिनती पूरी हुई थी, जिसमें करोड़ों रुपये का चढ़ावा सामने आया। रिपोर्टों के अनुसार, भंडार में 38 करोड़ 23 लाख रुपये से अधिक की राशि मिली थी। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने करीब 4 करोड़ 30 लाख रुपये मूल्य का सोना और चांदी




