संस्कृति संस्था द्वारा शिक्षा सेवा के अंतर्गत गुढ़ानाथावत स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत बालक-बालिकाओं के बैठने की सुविधा के लिए 19 फर्श उपहार स्वरूप भेंट किए गए। इस सेवा कार्य से विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों में हर्ष का वातावरण रहा।
संस्था अध्यक्ष शालिनी विजय ने जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय की स्थापना से लेकर आज तक के इतिहास में पहली बार किसी संस्था ने इस प्रकार का सराहनीय कार्य किया है। इससे पहले विद्यालय को किसी भी संस्था द्वारा इस तरह की सहायता या उपहार प्राप्त नहीं हुआ था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। विद्यालय की प्रिंसिपल मीनाक्षी मीणा ने सभी अतिथियों का भावभीना स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अध्यापक पृथ्वी सिंह राजावत ने किया। संस्था का परिचय अध्यापिका उमा माहेश्वरी ने कराया। विद्यालय की अन्य अध्यापिकाओं ने भी सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत एवं सम्मान किया।
इस अवसर पर संस्था की सचिव मंजू जिंदल, उपाध्यक्ष उर्मिला नुवाल, कोषाध्यक्ष माधवी छोड़ा, और सक्रिय सदस्य रुक्मणी जाजू, रानी यादव, लीला सोमानी, निखिल विजय उपस्थित रहे। संस्था की सभी सदस्यों ने विद्यालय के संपूर्ण प्रबंधन का अवलोकन किया और पाया कि विद्यालय वास्तव में एक आदर्श विद्यालय की मिसाल है।
विद्यालय की सफाई व्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था, आधुनिक लैब और अन्य व्यवस्थाएं अत्यंत उत्कृष्ट हैं। हालांकि, बच्चों के बैठने हेतु पर्याप्त फर्श की कमी महसूस की गई। इसी कमी को ध्यान में रखते हुए संस्कृति संस्था ने बच्चों के बैठने के लिए 19 फर्श उपहार स्वरूप भेंट किए तथा भविष्य में भी सहयोग का आश्वासन दिया।
अंत में शालिनी विजय ने संस्था के सेवा कार्यों की जानकारी देते हुए विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया। विद्यालय की प्रिंसिपल




