संस्कृति संस्था का गणगौर उत्सव एवं नववर्ष अभिनंदन समारोह संपन्न
संस्कृति संस्था द्वारा एक निजी होटल में गणगौर उत्सव एवं नववर्ष अभिनंदन समारोह हर्षोल्लास एवं पारंपरिक उल्लास के साथ आयोजित किया गया। संस्था अध्यक्ष श्रीमती शालिनी विजय ने बताया कि कार्यक्रम में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और अन्य सदस्याओं ने मांग टीका, कुमकुम, बिंदी, पुष्पवर्षा और टॉफियां भेंटकर सभी गणगौरों का अभिनंदन किया।
समारोह का शुभारंभ:
संस्था की संरक्षक श्रीमती कमलेश गोयल ने दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कोषाध्यक्ष श्रीमती माधवी छोड़ा ईसर के रूप में सुसज्जित होकर 27 गणगौरों के साथ मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। सभी सदस्याओं ने ईसर-गणगौर की पारंपरिक पूजा-अर्चना, आटे के गहने, 16 श्रृंगार के प्रतीक वस्त्र और पुष्पमालाएं अर्पित की।
पारंपरिक गीत और घूमर नृत्य:
सभी ने लोकगीत गोर-गोर घूमती, ईसर पूजे पार्वती गाकर 16 बार पूजा की। जलेरी में जल भरकर ईसर-गणगौर के चारों ओर परिक्रमा लगाई गई और घूमर नृत्य प्रस्तुत किया गया।
प्रतियोगिताएं और पुरस्कार:
संपूर्ण समारोह में 27 प्रतियोगिताएं आयोजित की गई, जिनमें सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिताओं में शामिल थे: कजरारे नयन, मेहंदी के रंग, माथे का टीका, दमकती बिंदिया, नौलखा हार, पायल की छम-छम, बिछिया की चमक, सुंदर बाजूबंद, नखराली कमरबंद, बालों का गजरा, कानों के झुमके, नथुनिया, नाखूनों की चमक, मुस्कान, सुहाग मंगलसूत्र, सिंदूर, कदमों की आहट, सुंदर आलता, अंगूठी की बहार, खनकती चूड़ियां और केश विन्यास।
लकी ड्रॉ और गेम:
लकी ड्रॉ में श्रीमती रुक्मणी जाजू और श्रीमती संगीता नुवाल विजेता रहीं। इसके अतिरिक्त “म्हारी घूमर छे नखराली” गीत पर मनोरंजक गेम आयोजित किया गया, जिसमें सभी को पुरस्कार प्रदान किए गए।
नववर्ष और पारंपरिक शुभकामनाएं:
सभी सदस्याओं ने एक-दूसरे को नववर्ष, गणगौर, गुड़ी पड़वा, रामनवमी, राम जन्मोत्सव और हनुमान जयंती की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में पारंपरिक लोकगीत और सामूहिक घूमर नृत्य के साथ




