सांभर लेक स्थित न्यायालय परिसर में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सत्र न्यायाधीश) माधवी दिनकर, जयपुर ग्रामीण के मार्गदर्शन में पॉक्सो अधिनियम, बाल संरक्षण कानून, साइबर कानून, साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराध जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य आमजन को कानूनों के प्रति जागरूक करना और उन्हें डिजिटल व सामाजिक सुरक्षा के प्रति सतर्क बनाना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता तालुका विधिक सेवा समिति एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश क्रमांक-2 इंदु उज्जवल ने की। उन्होंने उपस्थित नागरिकों को पॉक्सो अधिनियम के तहत बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बाल विवाह निषेध कानून, घरेलू हिंसा रोकथाम अधिनियम और बाल संरक्षण से जुड़े अधिकारों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज में बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह कानूनों की जानकारी रखे और किसी भी प्रकार के अपराध के खिलाफ आवाज उठाए।
इस अवसर पर लिगल एड असिस्टेंट चांदमल सांभरिया ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की हेल्पलाइन 15100, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा गरिमा हेल्पलाइन 1090 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध या किसी भी आपात स्थिति में इन हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न जनहितकारी कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में सचिव तालुका विधिक सेवा समिति रणजीत सिंह राठौड़, पैरा लीगल वालंटियर शंकर लाल छंदवाल, प्रेमचंद भेहड़ा, उमाशंकर व्यास, पूजा सांभरिया, निशांत शर्मा, राहुल वीर, जुल्फिकारुल्लाह खान एवं योगेश शुक्ला सहित अनेक गणमान्य नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों को समय की आवश्यकता बताते हुए सराहना की।




