सांभर झील क्षेत्र में पेंशनर्स ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ और राजस्थान पेंशनर समाज के आह्वान पर सांभर लेक उपशाखा द्वारा बुधवार को “काला दिवस” मनाया गया।
उपशाखा अध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश दायमा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पेंशनर्स एकत्रित हुए और काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पेंशनर्स ने केंद्र सरकार द्वारा लागू वैद्यता अधिनियम 2025 को पेंशनभोगियों के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग उठाई।
डॉ. दायमा ने कहा कि यह कानून पेंशनर्स के भविष्य को प्रभावित करेगा और इससे पेंशन में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी की संभावनाएं खत्म हो जाएंगी। उन्होंने इसे “काला कानून” करार देते हुए कहा कि इससे लाखों पेंशनभोगियों के अधिकारों पर सीधा असर पड़ेगा।
प्रदर्शन के दौरान पेंशनर्स ने एकजुटता का परिचय देते हुए नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर उपखंड अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस अधिनियम को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस कार्यक्रम में ओम प्रकाश मालाकार, रवि शंकर सामरिया, नंद कुमार प्रजापति, भंवरलाल कुमावत, नानकराम खरेटिया, पन्नालाल, चौथमल, मोहनलाल वर्मा, कैलाश चंद माली, नफीसुल हसन उस्मानी, सीताराम बरड, सुवालाल स्वामी, श्रीकृष्ण शर्मा प्रेमी, डॉ. प्रेमराज कुमावत, सोहनलाल कुम्हार, गौरीशंकर जांगीड़, दर्शनलाल घई, मीनाक्षी शर्मा, शकुंतला दायमा, चंद्रप्रकाश व्यास और सत्यनारायण दायमा सहित अनेक पेंशनर्स मौजूद रहे।
यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि पेंशनर्स अब अपने अधिकारों को लेकर अधिक जागरूक और संगठित हो चुके हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा और अधिक जोर पकड़ सकता है।




