हिज्बुल्लाह विचारधारा से जुड़ाव को लेकर क्या बोले अभियोजक?
अमेरिका के चर्चित सलमान रुश्दी हमला मामले में बड़ा फैसला सामने आया है। अदालत ने हादी मतर (Hadi Matar) को संघीय आतंकवाद (Federal Terrorism) से जुड़े आरोपों में दोषी करार दिया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, हादी मतर पर चरमपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर हमला करने और प्रतिबंधित संगठन हिज्बुल्लाह से जुड़ी विचारधारा का समर्थन करने के आरोप साबित हुए हैं।
यह फैसला उस हमले के लगभग चार साल बाद आया है, जिसने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था। अदालत के फैसले के बाद एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, कट्टरपंथ और वैश्विक सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है।क्या है सलमान रुश्दी हमला मामला?
अगस्त 2022 में अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य में एक साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध लेखक सलमान रुश्दी पर मंच पर चढ़कर चाकू से कई बार हमला किया गया था। इस हमले में रुश्दी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें लंबे समय तक अस्पताल में इलाज कराना पड़ा और बाद में उन्होंने बताया कि इस हमले के कारण उनकी एक आंख की रोशनी चली गई थी।
हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने आरोपी हादी मतर को मौके से गिरफ्तार कर लिया था।
हादी मतर के खिलाफ क्या साबित हुआ?
संघीय जांच एजेंसियों ने अदालत को बताया कि हादी मतर लंबे समय से कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था। जांच के दौरान उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह दावा किया गया कि वह हिज्बुल्लाह समर्थक विचारधारा से प्रभावित था और उसी सोच के तहत उसने सलमान रुश्दी पर हमला किया।
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे संघीय आतंकवाद से जुड़े आरोपों में दोषी माना।
हिज्बुल्लाह कनेक्शन की भी हुई चर्चा
अमेरिकी अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि आरोपी की गतिविधियां और ऑनलाइन संपर्क चरमपंथी संगठनों की विचारधारा से मेल खाते थे। हालांकि अदालत का फैसला प्रस्तुत किए गए सबूतों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर सुनाया गया।
इस मामले ने अमेरिका में आतंकवाद विरोधी कानूनों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है।
सलमान रुश्दी कौन हैं?
सलमान रुश्दी दुनिया के प्रसिद्ध उपन्यासकारों में गिने जाते हैं। उनकी कई किताबें




