सफाई कर्मचारी भर्ती में वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता देने की मांग उठी
श्रीगंगानगर में अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस यूनियन ने राज्य में प्रस्तावित 25,000 सफाई कर्मचारियों की भर्ती को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने भर्ती प्रक्रिया में अस्थायी सफाई मजदूरों और वाल्मीकि समाज के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।
यूनियन के अध्यक्ष सेठी वाल्मीकि एवं जिलाध्यक्ष बंटी वाल्मीकि के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि वाल्मीकि समाज के अनेक अस्थायी सफाई मजदूर वर्षों से नगर निकायों में कार्यरत हैं और शहरों की स्वच्छता तथा जनस्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इसलिए नई भर्ती प्रक्रिया में उनके अनुभव को महत्व देते हुए उन्हें उचित प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
ज्ञापन में मांग की गई कि वर्षों से कार्यरत अस्थायी सफाई मजदूरों का सीधा चयन किया जाए तथा सफाई कार्य से जुड़े वाल्मीकि समाज के पात्र अभ्यर्थियों को प्राथमिकता प्रदान की जाए। इसके साथ ही पांच वर्षीय संविदा भर्ती के स्थान पर नियमित सीधी भर्ती की व्यवस्था लागू करने की भी मांग रखी गई।
यूनियन ने भर्ती प्रक्रिया में साक्षात्कार और प्रायोगिक परीक्षा आयोजित करने, न्यायालय की शरण में गए अस्थायी सफाई कर्मचारियों को राहत देने तथा राज्य में सफाई ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर "समान काम, समान वेतन" के सिद्धांत को लागू करने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान शिष्टमंडल में जिलाध्यक्ष बंटी वाल्मीकि, अध्यक्ष सेठी वाल्मीकि, जिला वाल्मीकि सभा के अध्यक्ष सूरज भाटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक चांवरिया, महामंत्री बिंदर सिंह टाक सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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