पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं टोंक विधायक सचिन पायलट दो दिवसीय दौरे पर टोंक पहुंचे। दौरे के दूसरे दिन उन्होंने सर्किट हाउस में आमजन से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी और मीडिया से बातचीत की।
मीडिया से बातचीत करते हुए पायलट ने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की मुख्य मांग है कि राजस्थान में जल्द से जल्द नगर परिषद और पंचायत चुनाव करवाए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में प्रशासक व्यवस्था के कारण आम जनता के कार्य सही ढंग से नहीं हो पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद से राज्य में छात्रसंघ, नगर निकाय और पंचायत चुनाव नहीं कराए गए हैं, जबकि कोर्ट के आदेश के बावजूद भी चुनाव टाले जा रहे हैं। पायलट ने कहा कि सरकार चुनाव से बच रही है क्योंकि उसे हार का डर है।
नरेगा को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नाम बदलना केवल दिखावा है, जबकि असल में इस योजना को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नरेगा का काम लगभग बंद हो चुका है, जिससे मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा।
पायलट ने कहा कि विकास कार्य भी ठप पड़े हैं और सरकार केवल प्रचार में लगी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट घोषणाएं धरातल पर प्रभावी नहीं हैं और रोजगार के वादे भी पूरे नहीं हुए हैं।
आगामी गर्मी के मौसम को लेकर उन्होंने चेतावनी दी कि पेयजल संकट गहराने वाला है। उन्होंने प्रशासन को पहले से ही तैयारी करने, जल आपूर्ति सुधारने और पाइपलाइन मरम्मत जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने की सलाह दी।
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