रिंग ऑफ फायर में बढ़ी भूकंपीय हलचल, इंडोनेशिया के पास 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप; एक हफ्ते में दुनिया भर में 187 झटके दर्ज
प्रशांत महासागर के आसपास का इलाका दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप आने वाले क्षेत्रों में शामिल है। पिछले एक हफ्ते में जापान, इंडोनेशिया, अलास्का और अमेरिका समेत कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसी वजह से ‘रिंग ऑफ फायर’ एक बार फिर चर्चा में है।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि पिछले सात दिनों में दर्ज हुए 187 भूकंपों का आंकड़ा केवल रिंग ऑफ फायर का नहीं है। यह पूरी दुनिया में एक सप्ताह के दौरान दर्ज की गई भूकंपीय गतिविधियों से जुड़ा आंकड़ा है।
क्या है रिंग ऑफ फायर?
रिंग ऑफ फायर प्रशांत महासागर के चारों ओर फैला हुआ एक विशाल भूकंपीय क्षेत्र है। इसकी लंबाई करीब 40 हजार किलोमीटर बताई जाती है। इस क्षेत्र में धरती की कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे के संपर्क में आती हैं।
प्लेटों की लगातार हलचल और इनके बीच होने वाली टक्कर, खिसकाव या सबडक्शन की प्रक्रिया के कारण इस क्षेत्र में भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां सामान्य रूप से ज्यादा देखी जाती हैं।
रिंग ऑफ फायर में जापान, इंडोनेशिया, फिलीपींस, न्यूजीलैंड, अलास्का और अमेरिका के पश्चिमी तट सहित प्रशांत महासागर के आसपास के कई क्षेत्र शामिल हैं।
इंडोनेशिया के पास आया सबसे शक्तिशाली भूकंप
पिछले एक सप्ताह में दर्ज प्रमुख भूकंपों में सबसे शक्तिशाली झटका इंडोनेशिया के पास 7.7 तीव्रता का बताया गया है। इसके बाद उत्तरी इंडोनेशिया में 6.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।
वहीं दक्षिणी पेरू में भी 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। प्रशांत महासागर के आसपास स्थित कई देशों में भूकंपीय गतिविधियां होने के कारण इस पूरे क्षेत्र पर वैज्ञानिकों और भूकंप निगरानी एजेंसियों की नजर बनी रहती है।
क्यों आता है यहां ज्यादा भूकंप?
रिंग ऑफ फायर की सबसे बड़ी वजह इसका टेक्टोनिक प्लेटों के आसपास स्थित होना है। पृथ्वी की बाहरी ठोस परत कई विशाल प्लेटों में बंटी हुई है। ये प्लेटें बेहद धीमी गति से लगातार गतिशील रहती हैं।
जब दो प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं या एक प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे चली जाती है, तो चट्टानों में तनाव जमा हो सकता है। तनाव अचानक रिलीज होने पर भूकंपीय ऊर्जा निकलती है और भूकंप आता है।
इसी वजह से प्रशांत महासागर के आसपास का क्षेत्र दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में माना जाता है।
क्या 187 भूकंप किसी बड़े खतरे का संकेत हैं?
एक सप्ताह में 187 भूकंप दर्ज होना अपने आप में किसी बड़े भूकंप की भविष्यवाणी नहीं करता। भूकंपों की संख्या में उतार-चढ़ाव सामान्य भूकंपीय गतिविधि का हिस्सा हो सकता है।



