इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीज के साथ दर्दनाक हादसा
मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे एक मरीज की लिफ्ट हादसे में मौत हो गई। मृतक की पहचान 50 वर्षीय सुरेश सेन के रूप में हुई है, जो मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र के लालपुर गांव के रहने वाले थे। वह पेड़ से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हुए थे और परिजन उन्हें इलाज के लिए रीवा के नेशनल हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे।
परिजनों को उम्मीद थी कि अस्पताल में इलाज मिलने के बाद उनकी हालत में सुधार होगा, लेकिन अस्पताल की लिफ्ट में हुए हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। रात करीब 8 बजे सुरेश सेन को अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान लिफ्ट अचानक नीचे गिर गई और वह उसमें फंस गए। हादसे में उनकी गर्दन लिफ्ट के हिस्से में फंस गई, जिससे उनकी मौत हो गई।
पेड़ से गिरने के बाद अस्पताल पहुंचे थे सुरेश सेन
जानकारी के मुताबिक, सुरेश सेन पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। चोट लगने के बाद परिजन उन्हें बेहतर इलाज की उम्मीद में रीवा लेकर पहुंचे। उन्हें नेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
परिवार के लिए यह पहले से ही मुश्किल समय था, क्योंकि सुरेश चोट के कारण अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे थे। लेकिन इलाज के दौरान उनके साथ एक और बड़ा हादसा हो गया।
रात के समय उन्हें अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर ले जाने के लिए लिफ्ट का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी दौरान लिफ्ट अचानक नीचे गिर गई।
अचानक नीचे गिरी अस्पताल की लिफ्ट
बताया गया है कि लिफ्ट के अचानक नीचे गिरने से उसमें मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में सुरेश सेन गंभीर रूप से फंस गए। उनकी गर्दन लिफ्ट में फंसने के कारण उन्हें गंभीर चोट आई और उनकी मौत हो गई।
लिफ्ट में मौजूद अन्य लोगों के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
हादसे के बाद परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
सुरेश सेन की मौत के बाद उनके परिजनों में काफी आक्रोश देखने को मिला। परिवार ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
परिजनों का दावा है कि हादसे वाले दिन ही अस्पताल की लिफ्ट में खराबी की समस्या सामने आई थी। उनके मुताबिक, एक मरीज पहले भी लिफ्ट के अंदर फंस गया था। इसके बावजूद लिफ्ट को पूरी तरह ठीक कराए बिना उसका इस्तेमाल जारी रखा गया।
परिजनों का आरोप है कि अगर लिफ्ट की खराबी को समय रहते ठीक करा दिया जाता तो सुरेश सेन की जान बच सकती थी।
अस्पताल के बाहर परिजनों का प्रदर्शन
हादसे के बाद मृतक के परिजन अस्पताल के बाहर जमा हो गए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। परिवार की ओर से अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
परिजन मुआवजे की मांग को लेकर भी प्रदर्शन पर अड़े रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार ने 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग रखी थी।
इस दौरान अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बनी रही और मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
अस्पताल प्रबंधन ने मुआवजे की बात कही
विरोध प्रदर्शन के बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से मृतक के परिवार को 16 लाख रुपये मुआवजा देने की बात सामने आई। हालांकि, परिवार की ओर से इससे अधिक मुआवजे की मांग की गई थी।
मामले में प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई भी महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि परिवार ने लिफ्ट की खराबी और अस्पताल प्रबंधन की कथित लापरवाही को हादसे की वजह बताया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी की आर्थिक सहायता की घोषणा
मामले के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से भी मृतक के परिवार के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
ऐसे में परिवार को अस्पताल प्रबंधन की ओर से प्रस्तावित मुआवजे के साथ-साथ सरकार की ओर से भी आर्थिक सहायता मिलने की बात सामने आई है।
पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच
हादसे के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में लिफ्ट में तकनीकी खराबी, उसकी स्थिति और अस्पताल प्रबंधन की कथित लापरवाही समेत कई पहलुओं को देखा जा रहा है।



