राष्ट्रीय शिक्षा नीति से होगा देश का सर्वांगीण विकास : सुरेंद्र अरोड़ा
विद्या भारती शिक्षा संस्थान बूंदी द्वारा आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, नैनवां मार्ग बूंदी में आयोजित नवीन आचार्य दक्षता वर्ग में सोमवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत मंत्री सुरेंद्र कुमार अरोड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश के सर्वांगीण विकास और राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार बनेगी।
उन्होंने भारतीय संस्कृति के संरक्षण में शिक्षा और संस्कार परंपरा के योगदान पर विशेष बल देते हुए कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। अरोड़ा ने बताया कि वर्ष 1952 में गोरखपुर में प्रथम शिशु मंदिर की स्थापना के बाद से विद्या भारती शिक्षा के माध्यम से समाज परिवर्तन का कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में प्रारंभिक कक्षाओं में मातृभाषा एवं स्थानीय भाषा में शिक्षा देने पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे बच्चों का बौद्धिक, भौतिक और भावनात्मक विकास अधिक प्रभावी ढंग से हो सके। इसके साथ ही रटने की परंपरा को छोड़कर तार्किक, रचनात्मक और आनंददायी शिक्षण पद्धति को बढ़ावा दिया गया है।
सुरेंद्र अरोड़ा ने कहा कि शिशु वाटिका स्तर पर खेल-खेल में सीखने की व्यवस्था बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वर्तमान समय की आवश्यकताओं को देखते हुए कौशल विकास (Skill Development) को भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
मुख्य वक्ता ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सफलता में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में नवीन आचार्यों ने शिक्षा नीति के विभिन्न आयामों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्या भारती शिक्षा संस्थान बूंदी के मंत्री सत्यनारायण गोस्वामी ने की। मुख्य अतिथि पुरुषोत्तम नुवाल एवं विशिष्ट अतिथि उषा शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभाव और महत्व पर प्रकाश डाला।
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