रणथंभौर टाइगर रिजर्व के कुशालीपुरा रेंज में वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने एक मादा पैंथर शावक का सफल रेस्क्यू किया। यह शावक लगभग 6 महीने का था और अपनी मां से बिछड़ने के कारण डिहाइड्रेशन की स्थिति में पाया गया।
रेस्क्यू टीम के सदस्य जसकरण मीणा ने तत्परता दिखाते हुए शावक को सुरक्षित रेस्क्यू कर वन्यजीव चिकित्सालय में लाया। उप वन संरक्षक मानस सिंह के निर्देशन में शावक का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया।
उप निदेशक (पशु चिकित्सा) डॉ. चंद्र प्रकाश मीणा ने बताया कि शावक को फ्लूड थेरेपी, ऑक्सीजन थेरेपी और जीवन रक्षक दवाइयां देकर उसकी हालत में सुधार किया गया। उपचार सफल होने के बाद मादा पैंथर को उसकी मां के संभावित क्षेत्र (टेरिटरी) में सावधानीपूर्वक पुनः छोड़ा गया, ताकि वह प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित रह सके।
वन विभाग की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से एक दुर्लभ वन्यजीव का जीवन बचाया जा सका। वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने इस अभियान की सराहना की और वन विभाग की तत्परता को प्रेरणादायक बताया।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के रेस्क्यू ऑपरेशन न केवल वन्यजीवों के जीवन की रक्षा करते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बनाए रखने में भी मददगार साबित होते हैं।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में वन विभाग नियमित रूप से इस तरह के ऑपरेशन करता है ताकि जंगल में रहने वाले जानवरों को सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सके।
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