रानीवाड़ा तहसील के मौजा रानीवाड़ा कलां में स्थित सरकारी कटाण गैर मुमकिन रास्ता (खसरा संख्या 1054, क्षेत्रफल 0.29 हेक्टेयर) पर अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आया है। इस रास्ते के बंद होने से पीड़ित काश्तकारों और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित काश्तकार मुलसिंह उर्फ मूला ने बताया कि उनकी पुश्तैनी सहखातेदारी भूमि कुल 6.25 हेक्टेयर में फैली है। वहीं, पड़ोसी ईश्वरसिंह की खातेदारी भूमि कुल 2.55 हेक्टेयर क्षेत्रफल की है। आरोप है कि वर्षों से खेतों से गांव और मुख्य सड़क तक आने-जाने के लिए जिस सार्वजनिक रास्ते का उपयोग किया जाता रहा, उसी पर पड़ोसी ने अवैध कब्जा कर पत्थरों की बाड़ और लोहे का गेट लगाकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता बंद होने से कृषि यंत्रों का ले जाना मुश्किल हो गया, बच्चों के स्कूल जाने में दिक्कत हो रही है और आपात स्थिति में बुजुर्गों व बीमारों को अस्पताल पहुंचाना चुनौती बन गया है। विरोध करने पर कथित तौर पर धमकियां दी जाती हैं और लाठी के जोर पर आवागमन रोका जाता है।
पीड़ित पक्ष ने बताया कि 26 दिसंबर 2025 को तहसीलदार रानीवाड़ा को लिखित शिकायत दी गई थी, जिस पर पटवारी द्वारा अतिक्रमण हटाया गया। लेकिन कुछ ही समय बाद फिर से कब्जा कर रास्ता बंद कर दिया गया।
ग्रामीणों और काश्तकारों ने प्रशासन से मांग की है कि खसरा संख्या 1054 की सरकारी रास्ता भूमि से अवैध अतिक्रमण स्थायी रूप से हटवाया जाए, रास्ता पुनः सार्वजनिक आवागमन के लिए सुचारू किया जाए और दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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