रानीवाड़ा में माहभर चलेगा श्री पार्थेश्वर चिंतामणि पूजन, प्रतिदिन बनेंगे 108 पार्थिव शिवलिंग
रानीवाड़ा। श्रावण मास के पावन अवसर पर श्री बजरंग सेवा ट्रस्ट, रानीवाड़ा के तत्वावधान में श्री पार्थेश्वर चिंतामणि पूजन अनुष्ठान का शुभारंभ गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ किया गया। धार्मिक आस्था और विश्व कल्याण की भावना को लेकर आयोजित यह अनुष्ठान पूरे श्रावण मास तक प्रतिदिन चलेगा।
आयोजन का समापन 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर विशेष पूजा, हवन, महाआरती एवं पूर्णाहुति के साथ किया जाएगा।
सभी 36 कौम के श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क आयोजन
हनुमान भक्त बसंत भाई प्रजापत ने बताया कि श्री पार्थेश्वर चिंतामणि पूजन अनुष्ठान किसी एक समाज या वर्ग तक सीमित नहीं है। यह आयोजन रानीवाड़ा नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के सभी 36 कौम के श्रद्धालुओं के लिए पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है।
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक चलने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालुओं द्वारा 108 पार्थिव (मिट्टी के) शिवलिंगों का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद विधि-विधान से अभिषेक, रुद्राभिषेक, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन एवं शास्त्रोक्त विधि से विसर्जन किया जाएगा।
सावन में पार्थिव शिवलिंग पूजन का विशेष महत्व
बसंत भाई प्रजापत ने बताया कि सनातन परंपरा में पार्थिव शिवलिंग पूजन का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। सावन मास में भगवान शिव की आराधना करने से श्रद्धालुओं को सुख-समृद्धि, मानसिक शांति, उत्तम स्वास्थ्य एवं मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
उन्होंने कहा कि इस माहभर चलने वाले आयोजन का मुख्य उद्देश्य विश्व कल्याण, राष्ट्र की उन्नति, समाज में सुख-शांति, आपसी भाईचारे और जनकल्याण की भावना को मजबूत करना है।
श्रद्धालुओं से परिवार सहित शामिल होने का आह्वान
श्री बजरंग सेवा ट्रस्ट ने रानीवाड़ा नगर एवं आसपास के सभी गांवों के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे परिवार सहित इस धार्मिक आयोजन में शामिल होकर भगवान शिव की आराधना का लाभ प्राप्त करें।




