रामलाल जाट के बयान पर राजस्थान की राजनीति गरम
राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी के बीच पूर्व मंत्री रामलाल जाट का एक बयान चर्चा में है। भीलवाड़ा में आयोजित प्रदर्शन के दौरान जाट ने कथित तौर पर कुछ अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही और उनके लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
जाट ने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो संविधान और कानून के खिलाफ काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसी दौरान उन्होंने अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने वाली टिप्पणी भी की।
क्या बोले रामलाल जाट?
रिपोर्ट के अनुसार रामलाल जाट ने ‘वोट चोर, गद्दी चोर’ प्रदर्शन के दौरान चुनाव और अधिकारियों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी संविधान की शपथ लेने के बावजूद ईमानदारी से काम नहीं कर रहे हैं।
जाट ने कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर ऐसे अधिकारियों को सजा दी जाएगी और इसी क्रम में उन्होंने उन्हें गधे पर बैठाकर घुमाने जैसी टिप्पणी की।
गजेंद्र सिंह शेखावत ने जताया ऐतराज
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जाट के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और सरकारी अधिकारियों के कामकाज की आलोचना करने का अधिकार सभी को है, लेकिन अधिकारियों के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है।
शेखावत ने पुलिस प्रशासन से मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग भी की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के सम्मान और पुलिस के मनोबल से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
रामलाल जाट बोले- FIR से नहीं डरते
शेखावत की आपत्ति के बाद रामलाल जाट ने भी प्रतिक्रिया दी। रिपोर्ट के मुताबिक जाट ने कहा कि अगर उनके खिलाफ FIR दर्ज करनी है तो कर दी जाए, लेकिन वह और कांग्रेस पार्टी इससे डरने वाली नहीं है।
जाट ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि अगर उन्होंने संविधान और कानून के अनुसार कार्रवाई की बात कही है तो वह उसके लिए कानूनी प्रक्रिया का सामना करने को तैयार हैं।



