रामगढ़ की सीमेंट फैक्ट्री में ब्लास्ट से 3 इंजीनियरों की मौत, ओवरहीटिंग को हादसे की वजह बताया गया।
रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ से एक बड़े औद्योगिक हादसे की खबर सामने आई है। यहां एक फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट के बाद तीन इंजीनियरों की मौत हो गई। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर राहत एवं बचाव की कार्रवाई शुरू की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसा फैक्ट्री की यूनिट में हुआ, जहां मशीनरी और तापमान से जुड़ी स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि हादसे के बाद यूनिट इंचार्ज ने ओवरहीटिंग को संभावित वजह बताया है। इंचार्ज के अनुसार यूनिट में गर्मी और तापमान को लेकर पहले भी चिंता जताई गई थी। यहां तक कि कई बार AC लगाने की मांग भी की गई थी। अब हादसे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि अगर यूनिट में तापमान को लेकर पहले से परेशानी थी, तो सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम समय रहते क्यों नहीं किए गए।
ब्लास्ट के बाद तीन इंजीनियरों की मौत
हादसे में तीन इंजीनियरों की जान चली गई। घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। हादसे की परिस्थितियों और फैक्ट्री में सुरक्षा इंतजामों की जांच की जा रही है।
रामगढ़ में इससे पहले भी औद्योगिक इकाइयों में ब्लास्ट और आग की घटनाएं सामने आती रही हैं। अप्रैल 2026 में रामगढ़ के एक निजी स्टील प्लांट में फर्नेस ब्लास्ट के दौरान नौ कर्मचारी घायल हुए थे, जिनमें से तीन की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उस मामले में फैक्ट्री निरीक्षण के लिए जांच समिति बनाई गई थी।
ओवरहीटिंग पर उठे सुरक्षा के सवाल
इस ताजा हादसे में यूनिट इंचार्ज की ओर से ओवरहीटिंग को लेकर दिए गए बयान ने फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर यूनिट में तापमान सामान्य से ज्यादा था और कर्मचारियों की ओर से कूलिंग व्यवस्था बढ़ाने की मांग की गई थी, तो इसकी जांच हादसे की वजह सामने लाने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
फिलहाल ब्लास्ट की सही वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। अधिकारियों की जांच में मशीनरी की स्थिति, तापमान नियंत्रण, सुरक्षा मानकों और हादसे से पहले यूनिट में किए गए रखरखाव की भी पड़ताल की जा सकती है।
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की असली वजह
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर फैक्ट्री में ऐसा क्या हुआ, जिससे तीन इंजीनियरों की जान चली गई। क्या ओवरहीटिंग ही ब्लास्ट की वजह बनी या इसके पीछे मशीनरी में तकनीकी खराबी अथवा किसी अन्य कारण की भूमिका थी?



