खण्डार से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित पावन रामेश्वर धाम में सोमवती अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अधिकमास और सोमवती अमावस्या के दुर्लभ संयोग के चलते परशुराम घाट पर स्नान और चतुर्भुज मंदिर में दर्शन के लिए सुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में स्नान कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते खण्डार से रामेश्वर धाम तक सड़क मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। रामेश्वर धाम से बड़वास गांव तक कई किलोमीटर लंबा जाम देखने को मिला। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
इस दौरान अनियाला ग्राम पंचायत की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद पेयजल, छाया, विश्राम स्थल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं दिखाई दी। भीषण गर्मी के बीच कई श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुरक्षा व्यवस्था भी अपेक्षाकृत कमजोर नजर आई। स्थानीय लोगों के अनुसार पूरे क्षेत्र में केवल चार पुलिसकर्मी तैनात थे, जबकि महिला पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति भी महसूस की गई। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा और प्रबंधन नहीं होने पर लोगों ने नाराजगी व्यक्त की।
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन तथा ग्राम पंचायत से भविष्य में ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान बेहतर यातायात, सुरक्षा, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि रामेश्वर धाम में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाए जाने की आवश्यकता है।
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