कस्बे में सोमवार से चल रहे श्रीराम व माता जानकी मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत दोपहर बाद संगीतमय रामचरित मानस कथा का आयोजन हुआ। कथा वाचक संत सुखराम दास वेदांती ने प्रवचन देते हुए कहा कि रामायण जीवन का दर्पण है, जो मनुष्य को सही मार्ग दिखाती है। यह मर्यादा, संस्कार और आदर्श जीवन का भंडार है।
उन्होंने कहा कि सच्चे भक्त को किसी में दोष दिखाई नहीं देता, बल्कि सभी के प्रति सम्मान और सेवा भाव रखना चाहिए। मनुष्य को अपने मन और विचारों को शुद्ध और श्रेष्ठ बनाना चाहिए। भगवान राम ने मर्यादा की जो नींव रखी, वह आज भी समाज को दिशा दे रही है।
वेदांती महाराज ने कहा कि राम कथा का श्रवण करने से अनंत फल की प्राप्ति होती है और जीवन निर्मल बनता है। भगवान के शरणागत होने से व्यक्ति का जीवन सुखमय होता है। उन्होंने राम नाम की महिमा बताते हुए कहा कि राम नाम सबसे श्रेष्ठ है, इसी से महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना की।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को शिव विवाह प्रसंग की कथा सुनाई जाएगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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