राम रहीम की 21 दिन की पेरोल पर फिर उठे सवाल, गंभीर मामलों में सजा के बीच 17वीं बार जेल से बाहर आया डेरा प्रमुख
रोहतक/बागपत। बलात्कार और हत्या जैसे गंभीर मामलों में सजा काट रहा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। राम रहीम को 21 दिनों की पेरोल मंजूर हुई है। खास बात यह है कि पिछले करीब 7 साल में यह 17वीं बार है, जब वह पेरोल या फरलो के जरिए जेल से बाहर आया है।
दो साध्वियों से बलात्कार मामले में 20 साल की सजा
गुरमीत राम रहीम सिंह को दो साध्वियों से बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी उसे उम्रकैद की सजा मिली है। इन मामलों में सजा काटने के बावजूद राम रहीम को पहले भी कई बार पेरोल और फरलो मिल चुकी है।
इस बार मिली 21 दिन की पेरोल के दौरान राम रहीम के उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित बरनावा आश्रम में रहने की जानकारी सामने आई है। उसकी रिहाई के साथ ही एक बार फिर पेरोल को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
17वीं बार पेरोल पर जेल से बाहर
राम रहीम को अलग-अलग मौकों पर पेरोल और फरलो मिलती रही है। उसकी हर रिहाई के बाद यह सवाल उठता रहा है कि गंभीर मामलों में सजा काट रहे किसी व्यक्ति को बार-बार जेल से बाहर आने की अनुमति किस प्रक्रिया और नियमों के तहत मिलती है।
वहीं, राम रहीम के समर्थक पेरोल को कानूनी प्रक्रिया के तहत मिली राहत बताते हैं। दूसरी ओर आलोचक इतनी बार पेरोल मिलने को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
पेरोल को लेकर फिर शुरू हुई बहस
इस बार भी 21 दिन की पेरोल मिलने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। राम रहीम की लगातार पेरोल को लेकर समर्थकों और आलोचकों के अलग-अलग मत हैं। ऐसे में यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि गंभीर मामलों में सजा काट रहे



