पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर राम जानकी मंदिर परिसर में पिछले एक माह से चल रही अधिक मास पुरुषोत्तम कथा का समापन श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। समापन अवसर पर हवन, महाआरती, शिखर ध्वज स्थापना, भजन-कीर्तन और महाप्रसादी सहित अनेक धार्मिक आयोजन किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत श्री राधा सखी महिला मंडल द्वारा भगवान शिव के विधिवत अभिषेक से की गई। इसके पश्चात 51 दीपकों से भव्य महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से भाग लिया। भक्तों ने भगवान श्रीराम, माता सीता और बालाजी महाराज की पूजा-अर्चना कर अपने परिवार एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। हवन कार्यक्रम में श्रद्धालु दंपतियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां अर्पित कीं।
मंदिर के महंत महामंडलेश्वर भगवानदास महाराज के सान्निध्य में शिखर ध्वज यात्रा निकाली गई। यह यात्रा किंगसी बावड़ी से बैंड-बाजों और जयकारों के साथ प्रारंभ होकर मुख्य मार्गों से होती हुई भूड़ा के बालाजी मंदिर तक पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं पर जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। पूरे मार्ग में धार्मिक जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
मंदिर के पुजारी गोपाल महाराज वैष्णव ने पूरे धार्मिक अनुष्ठानों में विशेष भूमिका निभाई और विधि-विधान से सभी कार्यक्रम संपन्न कराए। दोपहर में महिला मंडल द्वारा संगीतमय भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए गए, जिससे पूरा परिसर भक्ति रस में डूब गया।
शाम के समय महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण की। कार्यक्रम में यज्ञ समिति अध्यक्ष संतकुमार जैन सहित कई गणमान्य व्यक्ति एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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