जिले में राजस्व कार्यों में गति और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय सभागार में मासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न राजस्व प्रकरणों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिला कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी राजस्व मामलों का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके। लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने और राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप सेवाओं में सुधार पर विशेष जोर दिया गया।
DLIRMP योजना के तहत सर्वे और रिसर्वे कार्यों की समीक्षा करते हुए तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही गैर खातेदारान के धारा 14 (4) के मामलों के शीघ्र निस्तारण पर भी बल दिया गया।
राजस्व, रोड़ा, पीडीआर एवं एलआर एक्ट के तहत वसूली कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ऑनलाइन नामांतरण, सीमाज्ञान और सहमति से विभाजन जैसे मामलों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
जनसुनवाई, संपर्क पोर्टल और पीजी पोर्टल पर लंबित शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निस्तारण के निर्देश दिए गए। राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया।
भूमि रूपांतरण और विभागीय जांच के लंबित मामलों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए। साथ ही टेलीकॉम टावर और डीएलटीसी इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े लंबित अनुमोदनों को जल्द पूरा करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में पेयजल आपूर्ति, MSP पर गेहूं खरीद और एलपीजी-पेट्रोल की सुचारू आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई। गर्मी के मौसम को देखते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।




