Categories लोड हो रही हैं...

राजस्थान में शिक्षकों की कमी, सड़कों पर उतरे छात्र, बढ़ा शिक्षा संकट

राजस्थान के कई जिलों में शिक्षकों की भारी कमी से पढ़ाई प्रभावित है। छात्र सड़कों पर उतरकर स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।

enews bharat18 July 2026
राजस्थान में शिक्षकों की कमी, सड़कों पर उतरे छात्र, बढ़ा शिक्षा संकट

सिरोही, जालौर और बाड़मेर में शिक्षा व्यवस्था पर संकट

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी अब गंभीर शिक्षा संकट का रूप लेती जा रही है। राज्य के कई दूर-दराज जिलों से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जहां छात्रों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक ही मौजूद नहीं हैं। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई जगह छात्रों को अपनी मांग मनवाने के लिए सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

सिरोही, जालौर, बाड़मेर और अन्य सीमावर्ती जिलों के सरकारी स्कूलों में बच्चों का कहना है कि कई विषयों के शिक्षक महीनों से नहीं हैं। कहीं एक ही शिक्षक पूरे स्कूल का जिम्मा संभाल रहा है, तो कहीं छात्रों की संख्या अधिक होने के बावजूद शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर पड़ रहा है।

दूर-दराज के स्कूलों में सबसे ज्यादा परेशानी

गुजरात सीमा से लगे सिरोही और जालौर जिले हों या पाकिस्तान सीमा से सटे बाड़मेर के गांव, कई सरकारी स्कूलों में शिक्षक नहीं होने से नियमित कक्षाएं नहीं चल पा रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक लंबे समय से नहीं हैं। कई स्कूलों में बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाया जा रहा है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना मुश्किल हो गया है।

छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन

शिक्षकों की कमी से नाराज छात्र अब सड़कों पर उतर आए हैं। कई स्थानों पर विद्यार्थियों ने रैली निकालकर और प्रदर्शन कर प्रशासन से जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की।

छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि अगर जल्द ही खाली पद नहीं भरे गए तो हजारों बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी और परीक्षा परिणामों पर भी इसका असर पड़ेगा।

क्या है 'वीआईपी टीचर सिस्टम'?

इस पूरे मामले में एक बार फिर तथाकथित 'वीआईपी टीचर सिस्टम' को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कई शिक्षक प्रभावशाली स्थानों पर अपनी पोस्टिंग या प्रतिनियुक्ति करवा लेते हैं, जबकि दूरस्थ और ग्रामीण स्कूलों में शिक्षक नहीं पहुंचते।

हालांकि, इस मुद्दे पर सरकार की ओर से अलग-अलग समय पर सुधार के प्रयासों की बात कही गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई क्षेत्रों में अब भी शिक्षकों की कमी बनी हुई है।

News Detail Ad 1
Ad1
Ad2
News Detail Ad 1
Ad1
Ad2

शिक्षा के अधिकार पर उठे सवाल

विशेषज्ञों का कहना है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक ही उपलब्ध नहीं होंगे, तो शिक्षा का अधिकार अधूरा रह जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को भी वही सुविधाएं मिलनी चाहिए जो शहरों के बच्चों को मिलती हैं। शिक्षकों की कमी दूर करना केवल प्रशासनिक जरूरत नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी के लिए जरूरी कदम है।

सरकार से जल्द समाधान की उम्मीद

अब छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द खाली पदों पर नियुक्तियां करे और जिन स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्था की जाए।

अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो इसका असर केवल वर्तमान पढ़ाई पर नहीं बल्कि आने वाले वर्षों में हजारों छात्रों के भविष्य पर भी पड़ सकता है।


सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें

राजनीति की हर हलचल, क्रिकेट और स्पोर्ट्स की हर अपडेट, और देश-दुनिया की बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए eNews Bharat के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जुड़ना न भूलें।

Instagram: https://www.instagram.com/enewsbharat24

Facebook: https://www.facebook.com/enewsbharat24

YouTube (Subscribe): https://www.youtube.com/@eNewsBharat24

X (Twitter): https://x.com/eNewsBharat24

यहां आपको मिलेंगे लाइव अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज़, शॉर्ट वीडियो, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, मैच प्रीव्यू और रिव्यू। eNewsBharat के साथ जुड़े रहें देश-विदेश की बड़ी राजनीतिक घटनाएँ, जीएसटी फ्रॉड से जुड़ी अहम जानकारियाँ, स्पोर्ट्स और जनहित से जुड़ी हर ज़रूरी खबर — पल-पल की सटीक जानकारी के लिए eNewsBharat को लगातार विज़िट करते रहें।आपका भरोसा ही हमारी ताकत है। हम आगे भी आपको सबसे तेज़, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबरें पहुँचाते रहेंगे।

#TeacherShortage #StudentProtest #EducationNews#RajasthanEducation #SirohiNews #JaloreNews #BarmerNews #eNewsBharat