राजस्थान के हर 10वें सरकारी स्कूल में बिजली नहीं, 7,200 स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे
राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था को लेकर यूडाइस (UDISE) 2025-26 रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आंकड़ों के अनुसार राज्य के हर दसवें सरकारी स्कूल में आज भी कार्यशील बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है। वहीं, 7,200 स्कूल ऐसे हैं जहां पूरे स्कूल की जिम्मेदारी केवल एक शिक्षक संभाल रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान में कुल 1,06,445 स्कूल, 7,93,158 शिक्षक और 1.59 करोड़ विद्यार्थी हैं। औसतन छात्र-शिक्षक अनुपात 20:1 है, लेकिन जमीनी स्थिति इससे अलग नजर आती है। एक शिक्षक वाले 7,200 स्कूलों में करीब 1 लाख 78 हजार 531 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 140 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां एक भी विद्यार्थी नहीं है, लेकिन वहां 189 शिक्षक नियुक्त हैं। यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था में संसाधनों के असमान वितरण की ओर इशारा करती है।
मूलभूत सुविधाओं की बात करें तो राज्य के 98,399 स्कूलों में बिजली कनेक्शन है, लेकिन केवल 97,405 स्कूलों में कार्यशील बिजली उपलब्ध है। सरकारी स्कूलों की स्थिति निजी स्कूलों से कमजोर है। 69,983 सरकारी स्कूलों में से केवल 63,117 स्कूलों में ही कार्यशील बिजली है, यानी करीब हर दसवां सरकारी स्कूल अब भी बिजली की सुविधा से वंचित है।
डिजिटल शिक्षा की दिशा में भी तस्वीर पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। राज्य के 75,192 स्कूलों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है, लेकिन केवल 51,650 स्कूलों में डेस्कटॉप कंप्यूटर हैं।
ड्रॉपआउट के आंकड़े भी चिंता बढ़ाते हैं। प्रारंभिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर




