राजस्थान में रक्षाबंधन पर सड़क हादसों ने छीनी चार जिंदगियां
जयपुर। रक्षाबंधन का त्योहार जहां भाई-बहन के प्यार और खुशियों का दिन था, वहीं राजस्थान के कई परिवारों के लिए यह दिन जिंदगीभर का दर्द बन गया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुए सड़क हादसों में मौसी-भांजे समेत चार लोगों की मौत हो गई। हादसों की खबर सामने आने के बाद परिवारों में कोहराम मच गया और त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं।
रक्षाबंधन के मौके पर बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार और रिश्तेदारों से मिलने के लिए घरों से निकले थे। इसी दौरान अलग-अलग जगहों पर हुए सड़क हादसों ने कई परिवारों को गहरा सदमा दे दिया। हादसों में जान गंवाने वालों में महिलाएं और युवक भी शामिल बताए जा रहे हैं।
रक्षाबंधन मनाकर लौट रहे थे परिवार
बताया जा रहा है कि कई लोग रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के बाद अपने घरों की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में हुए सड़क हादसों ने परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों की मदद की और पुलिस को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। हादसों में मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहीं, हादसों की वजहों की भी जांच की जा रही है।
मौसी-भांजे की मौत से परिवार में मचा कोहराम
इन हादसों में मौसी और भांजे की मौत ने परिवार को झकझोर कर रख दिया। रक्षाबंधन के मौके पर जहां घर में खुशी का माहौल था, वहीं अचानक आई हादसे की खबर से परिवार में चीख-पुकार मच गई।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। त्योहार के दिन हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। रिश्तेदार और आसपास के लोग भी परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंच रहे हैं।
भीलवाड़ा, सलूंबर और बीकानेर में हादसे
रक्षाबंधन के दौरान हुए इन सड़क हादसों की घटनाएं भीलवाड़ा, सलूंबर और बीकानेर सहित अलग-अलग इलाकों से सामने आई हैं। पुलिस ने मामलों की जांच शुरू कर दी है और हादसों से जुड़े कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।
त्योहार के दौरान सड़कों पर वाहनों की संख्या भी बढ़ जाती है। ऐसे में तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी कई बार गंभीर हादसों का कारण बन जाती है।



