राजस्थान पंचायत चुनाव को लेकर आयोग की सख्ती, 15 अप्रैल की डेडलाइन
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव में हो रही देरी को लेकर अब राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार को कड़ा संदेश भेजा है। आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 15 अप्रैल तक पंचायत चुनाव नहीं कराए गए तो अदालती अवमानना की जिम्मेदारी संबंधित सरकारी अधिकारियों की होगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा की ओर से पंचायती राज विभाग को पत्र लिखकर यह चेतावनी दी गई है। आयोग ने कहा कि अदालत ने निर्धारित समय सीमा के भीतर चुनाव कराने के आदेश दिए हैं, लेकिन अभी तक वार्डों के आरक्षण से जुड़ी जरूरी जानकारी सरकार की ओर से उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे चुनाव कार्यक्रम घोषित करने में देरी हो रही है।
चुनाव की तैयारी लगभग पूरी
सूत्रों के अनुसार निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत चुनाव के लिए अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतदाता सूची 25 फरवरी तक अंतिम रूप ले चुकी है। इसके अलावा ईवीएम और बैलेट बॉक्स की व्यवस्था, मतदान कर्मियों की ट्रेनिंग तथा मतदान केंद्रों की तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं।
हालांकि अभी तक सरकार की ओर से वार्डों के आरक्षण की रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण आयोग चुनाव की तिथि घोषित नहीं कर पा रहा है।
ओबीसी आरक्षण के बिना भी हो सकते हैं चुनाव
आयोग ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि यदि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने में और देरी होती है तो सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के अनुसार ओबीसी सीटों को सामान्य श्रेणी मानकर भी चुनाव कराए जा सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के सुरेश महाजन बनाम मध्यप्रदेश मामले में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए आयोग ने बताया कि ऐसी स्थिति में चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
एससी-एसटी सीटों का निर्धारण संभव
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही ओबीसी आरक्षण को लेकर रिपोर्ट लंबित हो, लेकिन एससी और एसटी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों का निर्धारण किया जा सकता है। यदि ऐसा किया जाता है तो बाकी सीटों को सामान्य श्रेणी में अधिसूचित कर चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है।
हाईकोर्ट के आदेश का हवाला
आयोग ने पत्र में उल्लेख किया है कि हाईकोर्ट ने शीला कुमारी बनाम राज्य सरकार मामले में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 तक पूरी करने का आदेश दिया है। लेकिन सरकार की ओर से आवश्यक जानकारी नहीं मिलने के कारण आयोग चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं कर पा रहा है।




