राजस्थान निकाय चुनाव: 10 मतदान केंद्रों पर फिर हो रही वोटिंग
राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों के बीच 10 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराया जा रहा है। इसकी वजह इन बूथों पर सामने आई EVM की तकनीकी खराबी है। प्रभावित मतदान केंद्रों पर मतों की गिनती पूरी नहीं हो सकी थी, जिसके कारण संबंधित निकायों के अंतिम चुनाव परिणाम अटक गए। अब राज्य निर्वाचन आयोग के फैसले के बाद इन केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जा रहा है।
यह पुनर्मतदान 16 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसमें जयपुर नगर निगम के 5 मतदान केंद्र, जोधपुर का 1, कोटा के 3 और झालावाड़ जिले के सुकेत नगरपालिका क्षेत्र का 1 मतदान केंद्र शामिल है। इन बूथों पर दोबारा वोटिंग पूरी होने के बाद ही संबंधित चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
किन शहरों में हो रहा है पुनर्मतदान?
राजस्थान निकाय चुनाव के तहत जिन 10 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जा रहा है, उनका विवरण इस प्रकार है:
जयपुर नगर निगम: 5 मतदान केंद्र
जोधपुर: 1 मतदान केंद्र
कोटा: 3 मतदान केंद्र
सुकेत नगरपालिका, झालावाड़: 1 मतदान केंद्र
इन सभी बूथों पर दोबारा मतदान के लिए चुनाव आयोग की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन केंद्रों पर पड़े वोटों की गिनती कराई जाएगी।
EVM खराबी के कारण क्यों अटके चुनावी नतीजे?
जानकारी के अनुसार, इन मतदान केंद्रों पर EVM में तकनीकी खराबी आने के कारण मतों की गिनती पूरी नहीं हो सकी थी। प्रभावित मतों की संख्या जीत के अंतर से अधिक बताई गई, इसलिए इन वोटों को नजरअंदाज करके अंतिम परिणाम घोषित करना संभव नहीं था।
ऐसी स्थिति में राज्य निर्वाचन आयोग ने पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया। इसका उद्देश्य प्रभावित बूथों पर मतदान प्रक्रिया को दोबारा पूरा कराना और उसके बाद मतगणना के आधार पर अंतिम परिणाम घोषित करना है। EVM में तकनीकी समस्या के कारण चुनावी प्रक्रिया में आई रुकावट को दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
17 सितंबर को होगी मतगणना
16 सितंबर को पुनर्मतदान पूरा होने के बाद 17 सितंबर की सुबह 8 बजे से संबंधित मतदान केंद्रों की मतगणना कराई जाएगी। इसके बाद ही इन निकायों के अंतिम नतीजे पूरी तरह साफ हो पाएंगे।
मतगणना के दौरान दोबारा डाले गए वोटों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि प्रभावित वार्डों में किस प्रत्याशी को कितने मत मिले और चुनावी परिणाम क्या रहा। पुनर्मतदान के कारण जिन निकायों के नतीजे लंबित हैं, उनकी स्थिति भी मतगणना के बाद स्पष्ट हो जाएगी।
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव भी स्थगित
पुनर्मतदान का असर केवल वार्ड स्तर के नतीजों तक सीमित नहीं है। जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत नगरपालिका क्षेत्र में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव भी फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं।
दरअसल, जब तक संबंधित निकायों के सभी वार्डों के अंतिम नतीजे सामने नहीं आते, तब तक आगे की चुनावी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती। अब 17 सितंबर को पुनर्मतदान वाले बूथों की मतगणना के बाद ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इससे संबंधित निकायों में राजनीतिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। प्रत्याशियों और समर्थकों को अब पुनर्मतदान तथा मतगणना के परिणाम का इंतजार है। अंतिम नतीजे आने के बाद ही निकायों में बहुमत और नेतृत्व की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



