Categories लोड हो रही हैं...

राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा कांग्रेस और आप के समीकरण

राजस्थान निकाय चुनाव में अध्यक्ष पदों के नतीजों ने नया राजनीतिक समीकरण दिखाया। अजमेर, पाली और अटरू में बदले वोटिंग गणित की खूब चर्चा रही।

enews bharat22 September 2026
राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा कांग्रेस और आप के समीकरण

राजस्थान निकाय चुनाव में बदला अध्यक्ष पद का गणित

राजस्थान की सियासत में निकाय चुनाव के नतीजों ने कई जगह पार्षदों की संख्या और अध्यक्ष पद के चुनाव के बीच अलग-अलग तस्वीर दिखाई है। कई निकायों में जिस पार्टी के पास ज्यादा पार्षद थे, वहां मेयर या चेयरमैन का पद दूसरी पार्टी के प्रत्याशी के खाते में चला गया। इससे अध्यक्ष पद के चुनाव में वोटिंग पैटर्न और स्थानीय राजनीतिक समीकरण चर्चा में आए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, घोषित नतीजों में 198 निकायों में भाजपा के मेयर, सभापति और चेयरमैन चुने गए हैं, जबकि 95 निकायों में कांग्रेस के प्रत्याशी अध्यक्ष पद पर पहुंचे। वहीं आम आदमी पार्टी ने बारां में अपना पहला नगर निकाय बोर्ड बनाकर भी ध्यान खींचा।

अजमेर में पार्षदों की संख्या के बावजूद बदला परिणाम

अजमेर का अध्यक्ष पद चुनाव इस लिहाज से खास रहा। यहां कांग्रेस के पास 37 पार्षद थे, जबकि भाजपा के पास 32 पार्षद थे। इसके बावजूद मेयर चुनाव में भाजपा की अनामिका शर्मा को 43 वोट मिले और उन्होंने जीत दर्ज की। यह परिणाम इसलिए चर्चा में रहा क्योंकि पार्षदों की शुरुआती संख्या से अलग वोटिंग का आंकड़ा सामने आया।

पाली में भी वोटिंग का गणित बदला

पाली में कांग्रेस 29 पार्षदों के साथ सबसे बड़ा दल थी। इसके बावजूद भाजपा की नमिता बुबकिया को मेयर चुनाव में 33 वोट मिले और वह अध्यक्ष पद पर चुनी गईं। इस नतीजे ने भी पार्षदों की संख्या और अध्यक्ष पद की वोटिंग के बीच अंतर को सामने रखा।

बीकानेर में कांग्रेस को मिली सफलता

दूसरी ओर बीकानेर में कांग्रेस अपने संख्या बल को अध्यक्ष पद तक पहुंचाने में कामयाब रही। यहां अनिल कल्ला मेयर चुने गए। इस नतीजे ने दिखाया कि अलग-अलग निकायों में स्थानीय समीकरण और पार्षदों की वोटिंग का पैटर्न अलग रहा।

अटरू में शिक्षा मंत्री के भाई हारे

बारां के अटरू में भी अध्यक्ष पद का चुनाव चर्चा में रहा। यहां कांग्रेस की निशा नैनीवाल ने भाजपा प्रत्याशी कृष्ण मुरारी दिलावर को तीन वोट से हराया।

News Detail Ad 1
Ad1
Ad2
News Detail Ad 1
Ad1
Ad2
कृष्ण मुरारी दिलावर राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के भाई हैं। इस मुकाबले में भी अध्यक्ष पद की वोटिंग का परिणाम स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा।

निकाय चुनाव के बाद क्रॉस-वोटिंग की चर्चा

इन नतीजों के बाद राजस्थान के कई निकायों में क्रॉस-वोटिंग और आखिरी समय में बने राजनीतिक समीकरणों की चर्चा हो रही है। अध्यक्ष पद के चुनाव में पार्षदों के वोट निर्णायक रहे और कई जगह शुरुआती संख्या बल के मुकाबले अलग परिणाम सामने आए।

राजस्थान निकाय चुनाव के ये नतीजे स्थानीय राजनीति में अध्यक्ष पद के चुनाव की अहमियत को भी सामने लाते हैं। पार्षदों की संख्या, उम्मीदवारों के बीच समर्थन और मतदान के अंतिम आंकड़े कई निकायों में अलग तस्वीर पेश करते दिखाई दिए।


सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें

राजनीति की हर हलचल, क्रिकेट और स्पोर्ट्स की हर अपडेट, और देश-दुनिया की बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए eNews Bharat के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जुड़ना न भूलें।

Instagram: Instagram

Facebook: Facebook

YouTube (Subscribe): YouTube

X (Twitter): X (Twitter)

यहां आपको मिलेंगे लाइव अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज़, शॉर्ट वीडियो, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, मैच प्रीव्यू और रिव्यू eNewsBharat के साथ जुड़े रहें देश-विदेश की बड़ी राजनीतिक घटनाएँ, जीएसटी फ्रॉड से जुड़ी अहम जानकारियाँ, स्पोर्ट्स और जनहित से जुड़ी हर ज़रूरी खबर — पल-पल की सटीक जानकारी के लिए eNewsBharat को लगातार विज़िट करते रहें। आपका भरोसा ही हमारी ताकत है। हम आगे भी आपको सबसे तेज़, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबरें पहुँचाते रहेंगे।

#eNewsBharat #eNewsRajasthan #RajasthanPolitics #NikayChunav #BJP #Congress #CivicElection #ElectionResults

राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा कांग्रेस और आप के समीकरण | eNews Bharat