राजस्थान निकाय चुनाव से पहले अलवर में बवाल, जयपुर में वोटर्स का हंगामा
राजस्थान निकाय चुनाव के बीच कई जगहों से सामने आई घटनाओं ने चुनावी माहौल को गर्म कर दिया है। अलवर में वोटिंग से पहले मारपीट और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है, जबकि जयपुर में मतदान केंद्र के बाहर वोटर्स के हंगामे ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। चुनाव के दौरान जहां एक तरफ मतदाता अपने पसंदीदा उम्मीदवार के पक्ष में वोट डालने के लिए मतदान केंद्रों तक पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ इलाकों में विवाद और तनाव की स्थिति देखने को मिली।
अलवर में वोटिंग से पहले स्थिति उस वक्त बिगड़ गई, जब कथित तौर पर बीजेपी प्रत्याशी पर हमला किए जाने का आरोप सामने आया। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान जमकर मारपीट हुई। इस घटना में कुछ लोगों के सिर में चोट लगने की बात सामने आई है। इतना ही नहीं, मौके पर खड़ी गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया और उनके शीशे तोड़ दिए गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और पुलिस-प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
चुनाव के ठीक पहले हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, मतदान से पहले प्रत्याशी और उनके समर्थक अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार और मतदाताओं से संपर्क में जुटे हुए थे। ऐसे में मारपीट और तोड़फोड़ की घटना ने चुनावी माहौल को प्रभावित किया है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
वहीं दूसरी तरफ राजधानी जयपुर में भी मतदान केंद्र के बाहर वोटर्स ने हंगामा किया। यहां लोगों की नाराजगी के बाद कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। मतदान केंद्र के बाहर जमा लोगों ने अपनी शिकायतों और नाराजगी को लेकर विरोध जताया। इसके बाद प्रशासन और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
निकाय चुनाव स्थानीय स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि नगर निकायों के चुनाव का सीधा असर शहर की सड़क, सफाई, पानी, स्ट्रीट लाइट, नालियों और दूसरी स्थानीय सुविधाओं पर पड़ता है। ऐसे में बड़ी संख्या में मतदाता अपने क्षेत्र के लिए उम्मीदवार चुनने मतदान करते हैं। लेकिन चुनाव के दौरान अगर हिंसा, विवाद या हंगामे की स्थिति बनती है, तो इसका असर मतदाताओं के बीच भी देखने को मिल सकता है।



