दिसंबर 2028 तक हर परिवार तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य
राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजस्थान को 537.70 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मंजूर की गई है। इस राशि का उपयोग प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल परियोजनाओं को गति देने, नई पाइपलाइन बिछाने और जल शुद्धिकरण व्यवस्था को मजबूत करने में किया जाएगा।
राज्य सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों और केंद्र सरकार के साथ लगातार समन्वय के चलते यह सहायता राशि मंजूर हुई है। सरकार का कहना है कि इस फंड से प्रदेश के दूर-दराज के गांवों और ढाणियों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के अभियान को नई रफ्तार मिलेगी।
जल जीवन मिशन 2.0 से ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा फायदा
राजस्थान में लंबे समय से ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या एक बड़ी चुनौती रही है। खासकर गर्मियों के दौरान कई गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों को पानी के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत मिलने वाली यह राशि ग्रामीण परिवारों के लिए राहत लेकर आ सकती है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य हर ग्रामीण परिवार तक नल के माध्यम से सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। इसके तहत जल आपूर्ति नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा और जरूरत के अनुसार नई जल परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा।
पाइपलाइन और वाटर प्यूरीफिकेशन प्रोजेक्ट्स को मिलेगी गति
केंद्र से मिली इस आर्थिक सहायता से राजस्थान में चल रही विभिन्न पेयजल परियोजनाओं को तेजी मिलेगी। इसमें नई पाइपलाइन बिछाने, पुराने जल स्रोतों को बेहतर बनाने, जल शुद्धिकरण संयंत्रों को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे कार्य शामिल हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर ग्रामीण परिवार को नियमित रूप से साफ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराया जाए।
अतिरिक्त खर्च की प्रतिपूर्ति के रूप में मिली राशि
बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई यह राशि जल जीवन मिशन के पहले चरण की समाप्ति और दूसरे चरण की शुरुआत के बीच राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों से किए गए अतिरिक्त खर्च की प्रतिपूर्ति के रूप में दी जा रही है।




