राजस्थान में सितंबर की गर्मी ने बढ़ाई चिंता
राजस्थान में मानसून की विदाई के बीच सितंबर के आखिरी दिनों में गर्मी ने एक बार फिर अपना असर दिखाया है। पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। बाड़मेर और जैसलमेर में तो पारा 43 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 24 सितंबर को बाड़मेर में अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 6.9 डिग्री ज्यादा था। जैसलमेर में भी अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री रहा। दोनों जगह दिन के समय गर्म हवाओं का असर देखने को मिला।
कई शहरों में 40 डिग्री के पार पहुंचा पारा
सिर्फ बाड़मेर और जैसलमेर ही नहीं, राजस्थान के कई दूसरे शहर भी तेज गर्मी की चपेट में रहे। IMD के आंकड़ों में बीकानेर का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री, चूरू का 40.5 डिग्री और जोधपुर का 41.7 डिग्री दर्ज किया गया। नागौर में भी तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहा।
जोधपुर में सितंबर का तापमान पिछले 10 साल में सबसे ज्यादा बताया गया है। इससे पहले 2016 में सितंबर के दौरान यहां 40.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था।
मानसून की विदाई के साथ क्यों बढ़ी गर्मी?
राजस्थान में मानसून की वापसी के साथ मौसम का मिजाज बदल रहा है। बारिश की गतिविधियां कम होने, आसमान साफ रहने और हवाओं की दिशा में बदलाव के कारण पश्चिमी राजस्थान में गर्मी बढ़ी है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून की विदाई के बाद बनने वाली एंटी-साइक्लोनिक स्थिति के कारण पश्चिमी दिशा से गर्म हवाएं राजस्थान की ओर पहुंचती हैं। इससे दिन के तापमान में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है।
अगले दो-तीन दिन गर्मी का असर
मौजूदा पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। बाड़मेर, जैसलमेर और आसपास के इलाकों में तेज धूप और गर्मी का असर बना रह सकता है।
25 और 26 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान में बड़ी बारिश की गतिविधि की संभावना नहीं बताई गई है। ऐसे में इन इलाकों में तापमान ऊंचा रह सकता है।
27 सितंबर से बदल सकता है मौसम
गर्मी के बीच राजस्थान के पूर्वी हिस्सों के लिए राहत के संकेत भी मिल रहे हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 27 सितंबर से



