राजस्थान में ग्रेड थर्ड शिक्षकों का आंदोलन तेज, ट्रांसफर नहीं होने पर सरकार के खिलाफ बढ़ा विरोध
राजस्थान में ग्रेड थर्ड शिक्षकों के तबादलों का मुद्दा अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। पिछले दो दिनों से प्रदेशभर के हजारों ग्रेड थर्ड शिक्षक जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना देकर सरकार से तत्काल ट्रांसफर नीति लागू करने और तबादले शुरू करने की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के बीच सरकार और शिक्षकों के बीच टकराव भी बढ़ता जा रहा है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील
धरना दे रहे शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं, लेकिन अब तक उनका तबादला नहीं किया गया। उनका आरोप है कि सरकार ने प्रिंसिपल, फर्स्ट ग्रेड और सेकंड ग्रेड शिक्षकों के ट्रांसफर कर दिए, जबकि केवल ग्रेड थर्ड शिक्षकों के मामले में लगातार देरी की जा रही है।
शिक्षक अब केवल ट्रांसफर की मांग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सीधे हस्तक्षेप करने की अपील भी कर रहे हैं।
संघर्ष समिति ने लगाया भेदभाव का आरोप
ग्रेड थर्ड शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक सुनील महला ने कहा कि सरकार ग्रेड थर्ड शिक्षकों के साथ भेदभाव कर रही है। उनका कहना है कि यदि अन्य शिक्षक संवर्गों के ट्रांसफर संभव हैं तो केवल ग्रेड थर्ड शिक्षकों को इससे वंचित रखना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक कोई विशेष सुविधा नहीं मांग रहे, बल्कि वही अधिकार चाहते हैं जो अन्य शिक्षक संवर्गों को पहले ही दिए जा चुके हैं। संघर्ष समिति का कहना है कि अब आंदोलन निर्णायक चरण में पहुंच चुका है और शिक्षक आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
धरना स्थल पर बढ़ रही शिक्षकों की संख्या
संघर्ष समिति के अनुसार आंदोलन को पूरे प्रदेश से व्यापक समर्थन मिल रहा है। बुधवार को करीब 5 हजार शिक्षक धरने में शामिल हुए थे, जबकि गुरुवार को इससे भी अधिक संख्या में शिक्षक जयपुर पहुंचे। समिति का दावा है कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन का दायरा और बढ़ाया जाएगा।
समिति ने सरकार को दोपहर 1 बजे तक लिखित आश्वासन देने का समय दिया है। यदि तय समय तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी।




