राजस्थान में दो माह का निःशुल्क चर्म प्रशिक्षण, 31 जुलाई तक करें आवेदन
राजस्थान सरकार द्वारा प्रदेश में पारंपरिक चर्म उद्योग को नई पहचान देने, दस्तकारों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने तथा युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो माह का निःशुल्क चर्म प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र की ओर से संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों से 31 जुलाई 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। विभाग का उद्देश्य प्रशिक्षण के माध्यम से चर्म उद्योग से जुड़े कारीगरों के कौशल को बेहतर बनाना, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करना और बाजार की मांग के अनुरूप नए डिज़ाइन विकसित करना है।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक पंकज कुमार मीना ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे जो कम से कम आठवीं कक्षा उत्तीर्ण हों तथा उनकी आयु 18 से 35 वर्ष के बीच हो। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण विशेष रूप से उन युवाओं के लिए लाभदायक होगा जो स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं या चर्म उद्योग से जुड़कर अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।
महाप्रबंधक ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थियों को सादे कागज पर अपना नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, शैक्षणिक योग्यता, जाति एवं वर्ग का उल्लेख करते हुए आवेदन तैयार करना होगा। आवेदन पत्र 31 जुलाई 2026 तक जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र, जयपुर (ग्रामीण) में जमा किए जा सकते हैं। आवेदन के साथ पासपोर्ट आकार का नवीनतम फोटो, पहचान पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्र तथा आवश्यकतानुसार जाति प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदन पत्रों पर किसी भी प्रकार का विचार नहीं किया जाएगा।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के चयनित प्रशिक्षणार्थियों को दो माह तक लेदर गुड्स (Leather Goods) निर्माण का व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण निःशुल्क प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान चमड़े से विभिन्न उपयोगी एवं आकर्षक उत्पाद तैयार करने की आधुनिक विधियों, डिजाइनिंग, फिनिशिंग, गुणवत्ता सुधार तथा उत्पादों की बाजार में बिक्री से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी जाएंगी। इससे प्रशिक्षणार्थी न केवल अपने कौशल को विकसित कर सकेंगे बल्कि स्वयं का रोजगार शुरू करने के लिए भी सक्षम बनेंगे।
प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी को 500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड




