राजस्थान में सर्वे, स्क्रीनिंग और कीटनाशक अभियान तेज
राजस्थान में चांदीपुरा वायरस (Chandipura Virus-CHPV) संक्रमण के दो मामलों की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। डूंगरपुर और सिरोही जिले की दो मासूम बच्चियों की इलाज के दौरान मौत हो गई। दोनों बच्चियों का इलाज गुजरात के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा था, जहां जांच रिपोर्ट में चांदीपुरा वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। घटना के बाद राजस्थान और गुजरात की सीमा से लगे इलाकों में निगरानी, सर्वे और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।
डूंगरपुर की 6 वर्षीय बच्ची की इलाज के दौरान मौत
पहला मामला राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा ब्लॉक के रतनपुरा गांव का है। जानकारी के अनुसार, 6 वर्षीय बच्ची 12 जुलाई को अचानक बीमार हो गई थी। परिजनों ने अगले दिन उसे स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे गुजरात के मेघरज, मोडासा और बाद में हिम्मतनगर के सरकारी सिविल अस्पताल रेफर किया गया।
डॉक्टरों को बच्ची में चांदीपुरा वायरस के लक्षण दिखाई देने पर उसका सैंपल जांच के लिए भेजा गया। इलाज के दौरान 15 जुलाई को बच्ची की मौत हो गई। बाद में 23 जुलाई को गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट में CHPV संक्रमण की पुष्टि हुई।
सिरोही की 2 वर्षीय मासूम भी वायरस की चपेट में आई
दूसरा मामला सिरोही जिले का है। यहां की दो वर्षीय बच्ची का इलाज गुजरात के बनासकांठा जिले के अस्पताल में चल रहा था। इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। बाद में जांच रिपोर्ट में चांदीपुरा वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई।
सिरोही के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे शुरू
दोनों मामलों की पुष्टि के बाद राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने डूंगरपुर और सिरोही सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी शुरू कर दी है। चिकित्सा टीमों को गांव-गांव भेजकर लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है।
इसके अलावा प्रभावित इलाकों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव, घर-घर सर्वे और बुखार से पीड़ित बच्चों की पहचान का अभियान भी चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से किसी भी बच्चे में तेज बुखार या गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल जाने की अपील की है।
क्या है चांदीपुरा वायरस (CHPV)?
चांदीपुरा वायरस एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से सैंडफ्लाई (रेत मक्खी) जैसे कीटों के माध्यम से फैलता है। यह वायरस बच्चों को अधिक प्रभावित करता है और गंभीर मामलों में मस्तिष्क पर असर डाल सकता है।
यह संक्रमण अपेक्षाकृत दुर्लभ माना जाता है, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है।



