श्रीगंगानगर में पाकिस्तान ड्रोन कनेक्शन से मचा हड़कंप
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पुलिस ने ड्रोन के जरिए चलाए जा रहे कथित हेरोइन तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है। यह मामला सीमा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चुनौती के रूप में सामने आया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, एक पति-पत्नी की जोड़ी पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से हेरोइन मंगवाकर पंजाब के ड्रग सिंडिकेट तक पहुंचाने का काम कर रही थी।
पुलिस की कार्रवाई के बाद सामने आए इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी की घटनाएं लगातार सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।
तीन महीनों में 80 किलो हेरोइन तस्करी का दावा
पुलिस जांच में दावा किया गया है कि इस नेटवर्क ने पिछले तीन महीनों के दौरान 80 किलो से ज्यादा हेरोइन की तस्करी की। हालांकि, इस दावे से जुड़े सभी तथ्यों की जांच अभी जारी है और एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गतिविधियों को खंगाल रही हैं।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके कितने कनेक्शन मौजूद हैं।
पुलिस ने बरामद की भारी मात्रा में हेरोइन और नकदी
स्थानीय पुलिस की कार्रवाई में करीब 10 किलो हेरोइन, 500 ग्राम अतिरिक्त हेरोइन और डेढ़ लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और नेटवर्क के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, ड्रग तस्करी के इस पूरे मामले में कई स्तरों पर जांच की जा रही है ताकि तस्करी के पूरे रास्ते और फंडिंग नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
दुबई हवाला कनेक्शन की भी जांच
जांच एजेंसियां इस मामले में दुबई हवाला कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं। आशंका है कि तस्करी से जुड़े आर्थिक लेन-देन के लिए अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।
अगर जांच में विदेशी फंडिंग या हवाला नेटवर्क की पुष्टि होती है तो यह मामला केवल नशा तस्करी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय अपराध और सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मामला बन सकता है।
सीमा सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती
राजस्थान-पाकिस्तान सीमा से जुड़े इलाकों में ड्रोन के जरिए तस्करी




