सरकारी नौकरी के सपनों पर बड़ा वार, भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े का खुलासा
राजस्थान में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और फर्जीवाड़े के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG ने बड़ी कार्रवाई की है। भर्ती घोटालों की जांच में अब तक 830 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 250 ऐसे आरोपियों की तलाश जारी है, जिनके खिलाफ जांच में अपराध साबित हो चुका है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे मामले में पेपर लीक, डमी अभ्यर्थियों की मदद, फर्जी डिग्री और नकली दस्तावेजों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने का नेटवर्क सामने आया है। राजस्थान में इससे पहले भी कई भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल गिरोह के मामले सामने आते रहे हैं, जिनकी जांच SOG लगातार कर रही है।
पेपर लीक से लेकर फर्जी दस्तावेज तक, ऐसे चलता था खेल
SOG की जांच में सामने आया है कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए गए। कहीं पेपर लीक कर अभ्यर्थियों तक पहुंचाने के आरोप लगे, तो कहीं डमी कैंडिडेट बैठाकर परीक्षा पास कराने की कोशिश की गई।
इसके अलावा कुछ मामलों में फर्जी डिग्री और दस्तावेजों के जरिए सरकारी पद हासिल करने की कोशिश का भी खुलासा हुआ है। SOG ने ऐसे मामलों में कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है और जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
15 सरकारी कर्मचारी भी जांच के घेरे में
भर्ती घोटाले की जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ सरकारी कर्मचारी भी कथित तौर पर इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे। जानकारी के अनुसार, करीब 15 सरकारी कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन कर्मचारियों ने किस तरह और किस स्तर पर भर्ती फर्जीवाड़े में मदद की।
500 संदिग्धों की भूमिका की हो रही जांच
SOG अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कड़ियां जोड़ रही है। फिलहाल करीब 500 संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान लगातार नए नाम सामने आ रहे हैं और आने वाले समय में भर्ती घोटाले से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
सुरेश ढाका और यूनिक भांभू पर इनाम घोषित
भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़े के मामले में कई आरोपी अभी भी फरार हैं। SOG की सूची में करीब 50 इनामी आरोपी शामिल हैं, जिनकी तलाश के लिए विशेष टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
इनमें सुरेश ढाका और यूनिक उर्फ पंकज भांभू पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पेपर लीक मामलों में सुरेश ढाका का नाम पहले भी जांच के दौरान सामने आया है।




