लोकसभा में राहुल गांधी के बयान पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने
नई दिल्ली। लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चल रही चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के प्रमुख नेता राहुल गांधी के भाषण ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया। सदन में सरकार की नीतियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों पर अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिन पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उनके भाषण में बोले गए 'इडियट' और 'अंधभक्त' शब्दों को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ और बाद में इन्हें लोकसभा की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटा दिया गया।
एंटी पेपर लीक बिल पर सरकार को घेरा
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने युवाओं के भविष्य, बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करती हैं।
सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। इसी दौरान उन्होंने कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जिन्हें सत्ता पक्ष ने आपत्तिजनक बताया।
'इडियट' और 'अंधभक्त' शब्दों पर सत्ता पक्ष का विरोध
राहुल गांधी के भाषण के दौरान जैसे ही 'इडियट' और 'अंधभक्त' शब्द सदन में बोले गए, भाजपा और एनडीए के सांसदों ने इसका जोरदार विरोध शुरू कर दिया। सत्ता पक्ष के सांसद अपनी सीटों पर खड़े होकर विरोध जताने लगे और इन शब्दों को असंसदीय बताते हुए इन्हें रिकॉर्ड से हटाने की मांग करने लगे।
कुछ देर तक सदन में शोर-शराबा चलता रहा, जिसके कारण कार्यवाही भी प्रभावित हुई। लोकसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की और संसदीय नियमों का पालन करने की सलाह दी।
रिकॉर्ड से हटाए गए विवादित शब्द
संसदीय परंपराओं के अनुसार यदि किसी सदस्य द्वारा बोले गए शब्दों को अध्यक्ष असंसदीय या अनुचित मानते हैं, तो उन्हें कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटाया जा सकता है। इसी प्रक्रिया के तहत राहुल गांधी के भाषण में इस्तेमाल किए गए 'इडियट' और 'अंधभक्त' शब्दों को भी रिकॉर्ड से हटा दिया गया।
हालांकि रिकॉर्ड से हटाए जाने के बावजूद यह मामला राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।
पेपर लीक पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने
एंटी पेपर लीक बिल को लेकर सरकार का कहना है कि यह कानून प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली पर सख्ती से रोक लगाने के लिए लाया गया है। सरकार का दावा है कि इस कानून के लागू होने से पेपर लीक करने वाले गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई संभव होगी और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।




