निजी विद्यालयों द्वारा पाठ्य पुस्तकों के नाम पर विशेष दुकानों से खरीद करवाकर अवैध रूप से अधिक राशि वसूलने के विरोध में शहरवासियों ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष मुकेश माधवानी के नेतृत्व में अतिरिक्त जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री एवं जिला शिक्षा अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि राज्य सरकार द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निजी विद्यालय एनसीईआरटी की निर्धारित दरों से अधिक राशि वसूल नहीं कर सकते, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद कई निजी विद्यालय मनमानी कर रहे हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जहां कक्षा 12 का एनसीईआरटी सिलेबस लगभग 1050 रुपये में उपलब्ध है, वहीं निजी विद्यालयों में केवल कक्षा 4 का सिलेबस ही 5000 रुपये से अधिक में बेचा जा रहा है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
शहरवासियों ने आरोप लगाया कि कुछ दुकानदारों की मिलीभगत से कमीशनखोरी का खेल चल रहा है, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
ज्ञापन में मांग की गई कि राज्य सरकार के आदेशों की सख्ती से पालना करवाई जाए, अधिक वसूली गई राशि अभिभावकों को वापस दिलाई जाए तथा केवल निर्धारित दरों पर ही पुस्तकें एवं सामग्री उपलब्ध करवाई जाए।
साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर भाजपा पूर्व शहर अध्यक्ष महावीर खंगार, पूर्व पार्षद मनीष सिसोदिया, किट्टू सैनी, हर्षवर्धन भटनागर, आनंद सनाढ्य, मुकेश गोस्वामी, दीपेश गुर्जर, लोकेश सैनी, सतीश कुमार, वैभव शर्मा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
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