सम्राट पृथ्वीराज चौहान की 860वीं जयंती पर चौहान समाज का हुआ महासम्मेलन
सम्राट पृथ्वीराज चौहान सभा भवन में रविवार को सम्राट पृथ्वीराज चौहान की 860वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और गौरव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित महासम्मेलन में चौहान समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और सम्राट पृथ्वीराज चौहान के शौर्य, पराक्रम एवं राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान चौहान समाज की एकजुटता और सामाजिक समरसता का संदेश देखने को मिला। मकराना क्षेत्र के चौहान परिवारों के सदस्य एक मंच पर एकत्रित हुए और समाज के विकास, शिक्षा तथा संगठनात्मक मजबूती पर विचार-विमर्श किया।
वक्ताओं ने सम्राट पृथ्वीराज चौहान के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है, जिससे आज भी नई पीढ़ी प्रेरणा ले सकती है।
उम्मेद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान केवल चौहान समाज ही नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव हैं। उनके शौर्य और बलिदान की गाथाएं युवाओं में देशभक्ति और आत्मसम्मान की भावना का संचार करती हैं। उन्होंने समाज को संगठित होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
वहीं नंद सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज की नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने शिक्षा, संस्कार और सामाजिक एकता को मजबूत बनाने पर बल दिया।
जयंती समारोह के दौरान समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान भी किया गया। उपस्थित लोगों ने सम्राट पृथ्वीराज चौहान के आदर्शों पर चलने तथा समाज के विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में उम्मेद सिंह, राम सिंह, लक्ष्मण सिंह, नाथू सिंह, पूसा सिंह, जितेंद्र सिंह, शक्ति सिंह, गोविंद सिंह, विक्रम सिंह, ऋतुराज सिंह, धोलेराव राव, लोकेंद्र सिंह, पार्षद शक्ति सिंह, राजेंद्र सिंह एवं राम सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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