पीएम मोदी ने राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों से की मुलाकात
नई दिल्ली। शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों से मुलाकात की और उनके अनुभवों को जाना। इस दौरान प्रधानमंत्री ने देशभर से आए पुरस्कार विजेता शिक्षकों के साथ खुलकर संवाद किया। बातचीत के दौरान शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों की प्रतिभा, शिक्षण के नए तरीकों और समाज में शिक्षक की भूमिका जैसे विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से उनके विद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों और विद्यार्थियों के साथ उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली। शिक्षकों ने भी अपने कार्यक्षेत्र में किए गए प्रयासों और उपलब्धियों को प्रधानमंत्री के साथ साझा किया।
पूछा- पब्लिक से कैसे बात करें?
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक महिला शिक्षक से बातचीत करते हुए उनसे पूछा कि पब्लिक से किस तरह बातचीत करनी चाहिए और लोगों के सामने अपनी बात प्रभावी तरीके से रखने के लिए क्या किया जाए?
इस पर महिला शिक्षक ने प्रधानमंत्री को जवाब देते हुए कहा कि लोगों के सामने अपनी बात रखने के लिए कॉन्फिडेंस यानी आत्मविश्वास बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि जब व्यक्ति को अपनी बात और विषय की सही जानकारी होती है तथा खुद पर विश्वास होता है, तो वह लोगों के सामने बेहतर तरीके से अपनी बात रख सकता है।
महिला शिक्षक के इस जवाब पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी संवाद को आगे बढ़ाया। शिक्षकों के साथ इस तरह की सहज बातचीत कार्यक्रम की खास बात रही।
शिक्षकों ने साझा किए अपने अनुभव
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने विद्यालयों और विद्यार्थियों से जुड़े अनुभव साझा किए। कई शिक्षकों ने शिक्षा में तकनीक के इस्तेमाल, स्थानीय संसाधनों के उपयोग और विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के अपने प्रयासों के बारे में बताया।
शिक्षकों ने यह भी बताया कि बदलते समय के साथ पढ़ाने के तरीकों में बदलाव जरूरी है। विद्यार्थियों की रुचि और उनकी व्यक्तिगत क्षमताओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर
संवाद के दौरान शिक्षा को केवल किताबों और परीक्षाओं तक सीमित न रखने पर भी जोर दिया गया। विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और व्यवहारिक ज्ञान विकसित करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई।
शिक्षकों के अनुसार आज के दौर में विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने के बजाय उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके लिए शिक्षक की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित हुए शिक्षक
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार देश के ऐसे शिक्षकों को सम्मानित करने का माध्यम है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षक अपने विद्यालयों में बेहतर शिक्षण व्यवस्था, नवाचार, विद्यार्थियों के परिणाम और सामाजिक योगदान जैसे क्षेत्रों में प्रभावी कार्य करते हैं।



