पीरियड्स में हाइजीन रखें, संक्रमण और यूटीआई से ऐसे करें बचाव
महिलाओं के लिए पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन इस दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान नहीं रखा जाए तो यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI), रैशेज, खुजली, फंगल संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही पीरियड हाइजीन अपनाने से संक्रमण का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है और महिलाओं की प्रजनन एवं संपूर्ण स्वास्थ्य बेहतर बनी रहती है।
विशेषज्ञों के अनुसार सैनिटरी पैड को हर 4 से 6 घंटे में बदलना चाहिए। यदि ब्लीडिंग अधिक हो तो इससे पहले भी पैड बदल लेना चाहिए। लंबे समय तक एक ही पैड का उपयोग करने से बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। वहीं प्राइवेट एरिया की सफाई के लिए केवल साफ पानी का उपयोग करना बेहतर माना जाता है। जरूरत न हो तो साबुन या खुशबूदार इंटिमेट वॉश का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे वेजाइना का प्राकृतिक pH संतुलन बिगड़ सकता है।
पीरियड्स के दौरान रोजाना स्नान करना भी जरूरी है। गुनगुने पानी से नहाने से शरीर को आराम मिलता है, मांसपेशियों का तनाव कम होता है और पीरियड्स के दर्द में भी राहत मिलती है। साथ ही कॉटन के ढीले कपड़े पहनने और खुशबू वाले सैनिटरी पैड से बचने की सलाह दी जाती है, ताकि त्वचा पर रैशेज या एलर्जी की समस्या न हो।
यात्रा या ऑफिस जाने वाली महिलाओं को हमेशा एक छोटी इमरजेंसी पीरियड किट अपने साथ रखनी चाहिए। इसमें अतिरिक्त सैनिटरी पैड या टैम्पॉन, पैंटी लाइनर, टिश्यू पेपर, अनसेंटेड वेट वाइप्स, हैंड सैनिटाइजर, डिस्पोजल बैग, अतिरिक्त अंडरवियर, डॉक्टर की सलाह से दर्द निवारक दवा और जरूरत पड़ने पर माइल्ड इंटिमेट वॉश शामिल होना चाहिए।




