जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ी याचिका पर हुई सुनवाई
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से पैलेट गन (Pellet Gun) के इस्तेमाल को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं। अदालत ने जानना चाहा कि पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सरकार की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) क्या है और किन परिस्थितियों में इसका उपयोग किया जा सकता है।
इस मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका में प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए हैं और इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देशों की मांग की गई है।
क्या है पूरा मामला?
जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा पैलेट गन के कथित इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि भीड़ नियंत्रण के लिए ऐसे हथियारों का इस्तेमाल स्पष्ट नियमों और मानकों के तहत ही होना चाहिए।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या पैलेट गन के उपयोग के लिए कोई निर्धारित एसओपी मौजूद है और यदि है तो उसका पालन किस प्रकार किया जाता है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या पूछा?
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि—
पैलेट गन के इस्तेमाल की SOP क्या है?
किन परिस्थितियों में इसका उपयोग किया जाता है?
क्या भीड़ नियंत्रण के लिए तय दिशा-निर्देशों का पालन किया जाता है?
क्या इसके इस्तेमाल की निगरानी और जवाबदेही तय है?
कोर्ट ने सरकार से इस संबंध में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा है।
याचिका में क्या मांग की गई है?
याचिका में मांग की गई है कि पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट और पारदर्शी दिशा-निर्देश सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भीड़ नियंत्रण के दौरान नागरिकों की सुरक्षा और मानवाधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाए।
पैलेट गन क्या होती है?
पैलेट गन एक ऐसा हथियार है जिसका उपयोग कुछ परिस्थितियों में भीड़ नियंत्रण के लिए किया जाता है। इसके इस्तेमाल को लेकर पहले भी कई बार बहस और कानूनी चर्चा हो चुकी है। आलोचकों का कहना है कि इसके इस्तेमाल से गंभीर चोटें लग सकती हैं, जबकि सुरक्षा एजेंसियां इसे कुछ परिस्थितियों में भीड़ नियंत्रण का एक विकल्प मानती हैं।




