BPSC TRE-4 परीक्षा में बदलाव और 100% डोमिसाइल की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हुआ, पुलिस और छात्रों में झड़प।
पटना में BPSC TRE-4 परीक्षा से जुड़ी मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन उग्र हो गया। गर्दनीबाग में पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों का एक समूह मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकला। इस दौरान छात्रों और सुरक्षाबलों के बीच कई जगह झड़प हुई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और प्रदर्शनकारियों को दौड़ाकर खदेड़ा गया।
छात्रों की मुख्य मांग TRE-4 परीक्षा में PT-Mains व्यवस्था लागू करने, नेगेटिव मार्किंग हटाने और 100 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने की है। इन मांगों को लेकर अभ्यर्थी 18 अगस्त से गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं।
बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े छात्र
छात्रों को मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने से रोकने के लिए जेपी गोलंबर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। CRPF के जवानों को भी मौके पर उतारा गया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए और डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गए।
डाकबंगला इलाके में छात्रों और सुरक्षाबलों के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान एक छात्र के सिर में चोट लगने और एक छात्रा के बेहोश होने की बात भी सामने आई।
पथराव के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्ज
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शन के दौरान पथराव की घटना हुई। इसमें टाउन डीएसपी कामाख्या नारायण सिंह समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई की।
प्रदर्शन के दौरान एक बंकर वाहन भी बुलाया गया। इस तरह के वाहन का इस्तेमाल आमतौर पर अधिक जोखिम वाले सुरक्षा अभियानों में किया जाता है। प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिस बल और सुरक्षाबलों की मौजूदगी के कारण इलाके में तनाव का माहौल बना रहा।
BPSC अधिकारी के बयान पर बढ़ा विवाद
छात्रों के प्रदर्शन के बीच BPSC के एग्जाम कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह का एक बयान भी विवाद का कारण बन गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छात्रों के प्रदर्शन को लेकर की गई टिप्पणी से अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई।
विवाद बढ़ने के बाद राजेश कुमार सिंह ने वीडियो जारी कर माफी मांगी। वहीं,



