पीएम मोदी बोले- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को नहीं बख्शेंगे, राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देशभर में बढ़ते पेपर लीक मामलों पर बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की कि अब ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता देश के छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना है। उनके अनुसार, पेपर लीक किसी एक राज्य का नहीं बल्कि पूरे देश का गंभीर मुद्दा है। इसलिए सरकार कानूनी प्रक्रिया को तेज करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष अदालतों की व्यवस्था करेगी।
राहुल गांधी का सरकार पर हमला
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के भविष्य को सबसे अधिक नुकसान मौजूदा सरकार ने पहुंचाया है। राहुल का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था को कमजोर होने दिया गया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को संरक्षण दिया गया।
राहुल गांधी ने दिल्ली के इंदिरा भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों के खिलाफ कथित लाठीचार्ज का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक से करोड़ों छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए, लेकिन अब तक किसी भी दोषी को प्रभावी सजा नहीं मिली।
प्रदर्शन जारी, आंदोलन खत्म नहीं
पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री के ऐलान के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने अपनी प्रमुख मांग दोहराते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस मुद्दे को लेकर पिछले 26 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
पहली बार केवल पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट
अब तक देश में पेपर लीक मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती थी, जिसके कारण फैसलों में कई वर्षों का समय लग जाता था। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद पहली बार इन मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।




