पक्षियों के लिए दाना और पानी की व्यवस्था करना न केवल पुण्य का कार्य है, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह विचार राजकीय शास्त्री संस्कृत महाविद्यालय, बूंदी की प्राचार्य डॉ. रश्मि अग्रवाल ने व्यक्त किए।
उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में जब प्राकृतिक जल स्रोत सूख जाते हैं, तब लोगों की छोटी-छोटी पहल भी बेजुबान पक्षियों के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है।
उमंग संस्थान द्वारा चलाए जा रहे "एक परिंडा मेरा भी अभियान" के तहत छत्रपुरा स्थित राजकीय शास्त्री संस्कृत महाविद्यालय में सुप्रीम फाउंडेशन के सहयोग से परिंडे बांधे गए और पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था की गई।
संस्थान की अध्यक्ष डॉ. सविता लौरी ने अभियान की जानकारी देते हुए आमजन से अपील की कि वे अपने घरों, छतों और सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी और दाना रखें।
इस अवसर पर डॉ. आभा जैन, डॉ. सविता लौरी, बुद्धिप्रकाश गौतम, अभिषेक शर्मा, पुलोयजा गौतम सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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