मसूद अजहर पर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम, FATF बैठक से पहले पाकिस्तान के कदम पर उठे सवाल
FATF की अक्टूबर में होने वाली प्लीनरी बैठक से पहले पाकिस्तान ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम घोषित किया है। पाकिस्तान के इस कदम को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं और इसे FATF के दबाव के बीच अपनी छवि सुधारने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
मसूद अजहर भारत के लिए लंबे समय से एक बड़ा सुरक्षा खतरा रहा है। वह जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक और प्रमुख माना जाता है। भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों से जैश-ए-मोहम्मद का नाम जुड़ा रहा है। ऐसे में पाकिस्तान की ओर से उसके खिलाफ इनाम घोषित किया जाना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
FATF यानी Financial Action Task Force एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जो मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ देशों की व्यवस्थाओं की निगरानी करती है। पाकिस्तान पहले भी FATF की निगरानी और कार्रवाई के दायरे में रह चुका है। ऐसे में FATF की आगामी बैठक से पहले पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई दिखाने वाले कदम पर विशेष नजर रखी जा रही है।
पाकिस्तान ने मसूद अजहर की गिरफ्तारी या उसके ठिकाने की जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए इनाम की घोषणा की है। हालांकि, इस घोषणा को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान वास्तव में मसूद अजहर के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करेगा या यह केवल अंतरराष्ट्रीय दबाव कम करने की कोशिश है।
भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों और उनके सरगनाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने का दबाव बनाता रहा है। भारत का आरोप रहा है कि पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए किया जाता रहा है। मसूद अजहर का मामला भी इसी संदर्भ में बेहद संवेदनशील माना जाता है।
मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने वैश्विक आतंकवादी के तौर पर सूचीबद्ध किया हुआ है। जैश-ए-मोहम्मद को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकी संगठन के रूप में प्रतिबंधित किया गया है। ऐसे में पाकिस्तान द्वारा उसके खिलाफ इनाम की घोषणा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।
FATF की अक्टूबर में होने वाली बैठक में पाकिस्तान की आतंकवाद के



