पाकिस्तान ने ISI पर लगे आरोपों का जवाब देने के बजाय भारत पर साधा निशाना, सजीब वाजेद जॉय के बयान से बढ़ा विवाद
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे और उनके पूर्व सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) सलाहकार सजीब वाजेद जॉय के हालिया बयान ने दक्षिण एशिया की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। जॉय ने बांग्लादेश की हालिया राजनीतिक घटनाओं और अस्थिरता के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की कथित भूमिका पर सवाल उठाए। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान ने आरोपों का सीधे जवाब देने के बजाय भारत पर निशाना साधा, जिससे यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया।
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से जब सजीब वाजेद जॉय के आरोपों के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि "भारत ISI को लेकर पैरानॉयड है और शायद यह सोच अब दूसरों तक भी पहुंच गई है।" पाकिस्तान की इस प्रतिक्रिया को कई विश्लेषक आरोपों से ध्यान हटाने की कोशिश के रूप में भी देख रहे हैं।
ISI पर क्या बोले थे सजीब वाजेद जॉय?
सजीब वाजेद जॉय ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में दावा किया कि बांग्लादेश में पिछले कुछ समय से जो राजनीतिक अस्थिरता देखने को मिली, उसमें विदेशी शक्तियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का नाम लेते हुए कहा कि एजेंसी की गतिविधियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इस पहलू की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक दस्तावेज या प्रत्यक्ष सबूत पेश नहीं किया। इसलिए उनके दावों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों की अलग-अलग राय सामने आई है।
पाकिस्तान ने भारत को क्यों घसीटा?
जॉय के आरोपों पर सीधा जवाब देने के बजाय पाकिस्तान ने भारत को निशाने पर लिया। पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा कि भारत लंबे समय से ISI को लेकर गलत नैरेटिव बनाता रहा है और अब वही सोच दूसरे लोगों तक भी पहुंच रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर सीधे आरोपों का जवाब देने से बचते हुए बातचीत का केंद्र भारत की ओर मोड़ने की कोशिश की। यही कारण है कि पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पाकिस्तान के बयान में सामने आई तथ्यात्मक गलती
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्यात्मक गलती भी सामने आई। पाकिस्तानी अधिकारी की टिप्पणी से ऐसा प्रतीत हुआ मानो सजीब वाजेद जॉय भारत में रह रहे हों या भारत से जुड़े हों, जबकि वास्तविकता इससे अलग है।
दरअसल, सजीब वाजेद जॉय कई वर्षों से अमेरिका में रह रहे हैं। उन्होंने वहीं से अपनी शिक्षा प्राप्त की और लंबे समय तक तकनीकी एवं डिजिटल नीतियों पर काम किया। शेख हसीना सरकार में वह सूचना एवं संचार तकनीक मामलों के प्रमुख सलाहकार भी रहे थे।
पहले भी ISI की कथित भूमिका पर उठा चुके हैं सवाल
यह पहला अवसर नहीं है जब सजीब वाजेद जॉय ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI पर सवाल उठाए हों। इससे पहले भी उन्होंने बांग्लादेश की राजनीतिक उथल-पुथल, हिंसा और सरकार विरोधी गतिविधियों में विदेशी हस्तक्षेप की आशंका जताई थी। उस समय भी उन्होंने कहा था कि देश की सुरक्षा एजेंसियों को सभी संभावित पहलुओं की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।




