मांगरोल तहसील क्षेत्र के पाडलिया गांव में बाणगंगा नदी के चौड़ाईकरण व गहराईकरण कार्य के साथ गांव की आबादी साइड नदी की पक्की सुरक्षा दीवार का निर्माण जल संसाधन विभाग के माध्यम से ठेकेदार द्वारा किया गया है। लेकिन नदी में मवेशियों के उतरने-चढ़ने के लिए कैटल रेम्प नहीं होने के कारण समस्या बनी हुई है।
पशुपालकों का कहना है कि यदि कोई पशु या अवारा गोवंश नदी की सुरक्षा दीवार के पास से नीचे गिर जाता है तो कैटल रेम्प के अभाव में उसे बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो जाता है।
गांव के नवयुवक मंडल से जुड़े कार्यकर्ता विजय सिंह और रामकिशन गुर्जर ने बताया कि बाणगंगा नदी के तट पर बाग वाली माताजी के चबूतरे के सामने खाली भूमि पर नव निर्माण कार्य चल रहा था, जहां 3 मई को वीर तेजाजी महाराज की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन प्रस्तावित है। इसी कार्य के दौरान अचानक नदी तट से लगभग 20 फीट ऊपर से एक गाय नीचे नदी में गिर गई।
आवाज सुनकर नवयुवक मंडल के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे। राजेन्द्र गुर्जर ने नदी में उतरकर मुंह के बल गिरी गाय को बड़ी मशक्कत के बाद पानी से बाहर निकाला और उसकी जान बचाई। समाचार लिखे जाने तक गाय को पूरी तरह नदी से बाहर नहीं निकाला जा सका था। ग्रामीणों ने कैटल रेम्प की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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