मांगरोल तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत हिंगोनिया के अंतर्गत आने वाले पाड़लिया गांव में आज भी पक्की सड़क की सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। पंचायत मुख्यालय से सीधा जुड़ाव नहीं होने के कारण लोगों को विशेष रूप से बारिश के मौसम में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि अब तक कई सरकारें आईं और गईं, जनप्रतिनिधियों ने विकास के बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन पाड़लिया गांव को पंचायत मुख्यालय से जोड़ने वाली पक्की सड़क का निर्माण आज तक नहीं हो पाया।
ग्रामीणों में प्रेमशंकर गालव, धीरज सिंह, मुरलीधर शर्मा, विशाल गालव, डॉ. हरिओम गालव, जगदीश योगी, सत्यनारायण गुर्जर और प्रवीण गालव ने बताया कि अंता विधानसभा उपचुनाव के दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी थी।
उस समय एसडीएम, तहसीलदार और पंचायत समिति विकास अधिकारी ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए आश्वासन दिया था कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। ग्रामीणों ने भरोसा जताते हुए मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, लेकिन चुनाव के सात महीने बाद भी सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ।
गांव की आबादी 1200 से अधिक होने के बावजूद आज भी ग्रामीण बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। पंचायत मुख्यालय मात्र 3 किलोमीटर दूर होने के बावजूद कच्चे रास्ते के कारण लोगों को बारिश में कीचड़ और दुर्गम रास्तों से गुजरना पड़ता है। कई बार लोगों को हिंगोनिया पहुंचने के लिए 8 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।
सरपंच कविता गोचर ने भी स्वीकार किया कि पाड़लिया गांव पंचायत क्षेत्र का प्रमुख गांव होने के बावजूद सड़क सुविधा से वंचित है। वहीं सार्वजनिक निर्माण विभाग मांगरोल के सहायक अभियंता शीतल चौधरी ने बताया कि सड़क निर्माण का प्रस्ताव विभाग द्वारा भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक इसकी स्वीकृति नहीं मिली है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि उन्हें मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके।




